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Indore News : इंदौर-देवास रोड पर अर्जुन बड़ौद और फीनिक्स मॉल क्षेत्र में 48 घंटे तक लगे महाजाम के कारण दो लोगों की हार्ट अटैक से मौत हो गई जबकि एक मरीज की एंबुलेंस में ऑक्सीजन खत्म होने से जान चली गई. घटना के ब…और पढ़ें
इंदौर देवास महाजाम और इसमें हुई मौतों को लेकर जनहित याचिका दाखिल की गई है.
हाइलाइट्स
- इंदौर-देवास रोड पर जाम के चलते 3 लोगों की जान गई.
- वकीलों ने हाईकोर्ट में जनहित याचिका दाखिल की.
- हाईकोर्ट ने 7 जुलाई को मामले की सुनवाई तय की.
मिथिलेश गुप्ता
इंदौर. मध्य प्रदेश की मिनी मुंबई में महाजाम ने जनजीवन, सरकार और पुलिस प्रशासन को हिला कर रख दिया है. महाजाम में 3 मौतें भी हुई और अब इसको लेकर हाईकोर्ट में जनहित याचिका दाखिल की गई है. इंदौर-देवास रोड पर बीते दिनों जो कुछ हुआ, उसने प्रशासनिक व्यवस्थाओं की पोल खोल दी. अर्जुन बड़ौद और फीनिक्स सिटाडेल मॉल के पास गुरुवार दोपहर से शुरू हुआ ट्रैफिक जाम लगातार 48 घंटे तक बना रहा. इस दौरान इंदौर और देवास के बीच सैकड़ों वाहन फंसे रहे. जाम की भयावहता का अंदाज़ा इसी से लगाया जा सकता है कि इसमें फंसे दो लोगों की हार्ट अटैक से मौत हो गई, जबकि एक गंभीर मरीज की एंबुलेंस में ही ऑक्सीजन खत्म हो जाने से तड़प-तड़पकर मौत हो गई.
बहुत देर से जागा प्रशासन, रूट डायवर्ट किया तब तक बहुत देर हो गई
याचिका में कहा गया है कि अर्जुन बड़ौद और फीनिक्स मॉल क्षेत्र में लगातार ट्रैफिक जाम लगना आम बात हो गई है. इसके चलते केवल आम नागरिक ही नहीं, बल्कि डॉक्टर्स, वकील और मरीज भी समय पर नहीं पहुंच पा रहे. ऐसे में यह प्रशासनिक लापरवाही केवल असुविधा नहीं, बल्कि जानलेवा साबित हो रही है. गौरतलब है कि ट्रैफिक जाम को लेकर जब सोशल मीडिया और मीडिया में लगातार खबरें सामने आईं, तब जाकर प्रशासन हरकत में आया. इंदौर कलेक्टर आशीष सिंह और मंत्री तुलसी सिलावट ने मौके पर पहुंचकर जायजा लिया और रूट डायवर्जन की व्यवस्था की. भोपाल की ओर जाने वाले वाहनों को डबल चौकी की ओर तथा दिल्ली रूट पर जाने वालों को उज्जैन के रास्ते भेजा गया लेकिन तब तक काफी देर हो चुकी थी.
रियल टाइम कंट्रोल की व्यवस्था बनाने की मांग
अधिवक्ताओं की याचिका में मांग की गई है कि दोनों इलाकों में त्वरित ट्रैफिक प्रबंधन योजना लागू की जाए, CCTV, ट्रैफिक पुलिस और एनालिटिक्स के जरिए रियल टाइम नियंत्रण हो और इमरजेंसी वाहनों को प्राथमिकता के साथ अलग लेन उपलब्ध कराई जाए. इस जाम ने न सिर्फ सिस्टम की लापरवाही उजागर की है बल्कि लोगों के मन में भय भी पैदा किया है कि अगर भविष्य में भी ऐसा ही हुआ, तो अनगिनत जानें जोखिम में पड़ सकती हैं. अब सभी की निगाहें 7 जुलाई की सुनवाई और हाईकोर्ट के निर्देशों पर टिकी हैं.
सुमित वर्मा, News18 में 4 सालों से एसोसिएट एडीटर पद पर कार्यरत हैं. बीते 3 दशकों से सक्रिय पत्रकारिता में अपनी अलग पहचान रखते हैं. देश के नामचीन मीडिया संस्थानों में सजग जिम्मेदार पदों पर काम करने का अनुभव. प…और पढ़ें
सुमित वर्मा, News18 में 4 सालों से एसोसिएट एडीटर पद पर कार्यरत हैं. बीते 3 दशकों से सक्रिय पत्रकारिता में अपनी अलग पहचान रखते हैं. देश के नामचीन मीडिया संस्थानों में सजग जिम्मेदार पदों पर काम करने का अनुभव. प… और पढ़ें