लग्जरी होटल के VIP रूम को बना दिया कुटिया, दीवारों-फर्श पर गोबर से लिपाई

लग्जरी होटल के VIP रूम को बना दिया कुटिया, दीवारों-फर्श पर गोबर से लिपाई


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Hotel VIP room Covered with Cow Dung: सागर में श्री भक्तमाल कथा के आयोजन में एक भक्त ने अपने गुरु के लिए होटल के VIP कमरे को गोबर से लिपवा कर कुटिया जैसा बना दिया. दीवारों और फर्श पर देसी गाय के गोबर का लेप कर …और पढ़ें

हाइलाइट्स

  • सागर में श्री भक्तमाल कथा का आयोजन
  • भक्त ने होटल के VIP कमरे को गोबर से लिपवाया
  • दीवारों और फर्श पर देसी गाय के गोबर का लेप
Sagar News. भक्ति और सेवाभाव का सागर में एक अनूठा उदाहरण देखने को मिला है. एक साधक ने अपने गुरु को रूचिकर और सहज माहौल देने होटल के सबसे बड़े VIP कमरे की दीवारों को किसी कुटिया की भांति गोबर से लिपवा दिया. महंगी टाइल्स भरे फर्श पर भी गोबर लेप दिया.

दरअसल, सागर में 3 जुलाई से श्री भक्तमाल कथा का भव्य आयोजन किया जा रहा है. आयोजक अजय दुबे की ओर से कथा व्यास श्री 1008 किशोर दास जी महाराज को रुकने के लिए अपने लग्जरी होटल के सबसे बड़े और वीआईपी रूम की व्यवस्था की गई. इसे प्राचीन और सनातनी संस्कृति से जोड़ने के लिए उन्होंने एक अनोखा उदाहरण पेश किया, जहां दीवारों से लेकर फर्श तक सभी जगह पर देसी गाय के गोबर का लेप कराया. फिर बुंदेली कलाकारों के द्वारा यहां पर भगवान श्री कृष्णा गाय तुलसी ओम की  मोहक चित्रकारी करवा कर सहज माहौल दिया जा रहा है.

होटल का कमरा, जहां गोबर लेपा गया है.
कलाकारों ने बनाईं कलाकृतियां
इंजीनियर अंकुर नायक ने बताया कि हमारी सनातन संस्कृति में गाय के गोबर का बहुत ज्यादा महत्व बताया गया है. जहां हमारे संतों का आगमन होता है वहां पर अगर कुटीर में गोबर का लेप हो तो उसे बहुत ही ज्यादा उपयोगी अच्छा और पवित्र माना जाता है. ऐसे में गुरु जी के लिए खास कमरा तैयार किया गया है और स्थानीय कलाकारों के द्वारा विभिन्न तरह की कलाकृतियां बनाई गई हैं, जैसे ही महाराज जी का इस कमरे में आगमन होगा, तो उन्हें आधुनिकता का एहसास नहीं होगा. उन्हें ऐसा ही लगेगा कि वह किसी कुटीर में आए हैं, और इसके लिए कमेटी के सभी मेंबर का यह सुझाव था कि गुरु जी के लिए इस तरह की व्यवस्था करके दें जो अलग हो.

आयोजन समिति के अनिल तिवारी ने बताया कि श्री गोरेलाल जू कुंज 1008 किशोर दास जी महाराज हरिदास परंपरा से आते हैं. ऐसा माना जाता है कि वृंदावन में इसी परंपरा के संत बिहारी जी को लेकर आए थे, इसलिए पूरे वृंदावन में इनका पद भी सबसे ऊंचा है. इसी परंपरा के संत को छत्रसाल महाराज ने भी अपना गुरु बनाया था. वर्तमान में किशोर दास जी महाराज इस गद्दी पर विराजमान हैं.

Dallu Slathia

Dallu Slathia is a seasoned digital journalist with over 6 years of experience, currently leading editorial efforts across Madhya Pradesh and Chhattisgarh. She specializes in crafting compelling stories across …और पढ़ें

Dallu Slathia is a seasoned digital journalist with over 6 years of experience, currently leading editorial efforts across Madhya Pradesh and Chhattisgarh. She specializes in crafting compelling stories across … और पढ़ें

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