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Til Crop Variety: खरीफ फसल की बोवनी शुरू कर दी गई है. कई बार अच्छी किस्मों को लेकर किसान थोड़े दुविधा में रहते हैं. यहां किसान भाईयों को तिल की ऐसी किस्म के बारे में बताएंगे जिससे उन्हें तगड़ा मुनाफा हो सकता है…और पढ़ें
टीकमगढ़ में है तिल अनुसंधान
डॉ कमलेश बताते हैं कि छतरपुर से लगे टीकमगढ़ जिले में तिलअनुसंधान हैं. यहां तिल की दो वैरायटी हैं जिन्हें लगाकर किसान बढ़िया मुनाफा कमा सकते हैं. तिल की पहली वैरायटी GTS-8 है. वहीं तिल की दूसरी वैरायटी TKG-306 है.
तिल की इस TKG-306 वैरायटी को जवाहर तिल 306 भी कहा जाता है, एक लोकप्रिय वैरायटी (किस्म) है जो 86-90 दिनों में पक जाती है. यह सफेद तिल की किस्म है और मध्य प्रदेश के क्षेत्रों में उगाने के लिए उपयुक्त मानी जाती है.
उत्पादन: 700-900 किलोग्राम प्रति हेक्टेयर.तेल की मात्रा: 52%.बीज का रंग: सफेदउपयोग: तिल की यह किस्म तिलकुट बनाने, खाने और तेल के लिए उपयोग की जाती है.
डॉक्टर कमलेश बताते हैं कि GTS 8 और TKG- 306 दोनों ही वेराइटी बुंदेलखंड रीजन के लिए अच्छी होती हैं इससे तिल का उत्पादन ज्यादा होता है. यह दोनों किस्म टीकमगढ़ के तिल अनुसंधान में किसान भाइयों को मिल जाती हैं.
डॉ कमलेश बताते हैं कि छतरपुर जिले में प्रकाश तिल और देसी तेल की बुवाई ज्यादातर की जाती है. ऐसे किसान भाइयों को इन दोनों किस्मों की बुवाई करनी चाहिए.
बोवनी का सही तरीका