Akash Deep ki Kahani: बिहार के रहने वाले हैं आकाशदीप
आकाश का जन्म 15 दिसंबर 1996 को बिहार के सासाराम जिले के डेहरी गांव में हुआ.पिता रामजी सिंह स्कूल टीचर थे.आकाशदीप का बचपन आसान नहीं था. 16 साल की उम्र में उनके पिता का देहांत हो गया और इसके सिर्फ 6 महीने बाद उनके बड़े भाई की भी मृत्यु हो गई. इस सदमे ने परिवार को तोड़कर रख दिया.मां लड्डुमा देवी ने घर और आकाश को संभाला,लेकिन क्रिकेट तब उनकी जिंदगी से गायब हो गया.तीन साल तक आकाश ने बैटबॉल छूआ तक नहीं.
पिता थे क्रिकेट के खिलाफ
Akash Deep Education: आकाश ने साराराम के स्कूल से की पढ़ाई
आकाशदीप की शुरुआती पढ़ाई बिहार से ही हुई.उन्होंने सासाराम के एक स्कूल से 12वीं तक की पढ़ाई की. बाद में वह अपने सपनों को पूरा करने के लिए पश्चिम बंगाल चले गए. वहां उन्होंने क्रिकेट के साथ पढ़ाई जारी रखी. शुरुआत में उन्होंने टेनिस बॉल क्रिकेट खेलकर पॉकेट मनी कमाई, लेकिन उनकी मेहनत को बंगाल के स्काउट्स ने पहचाना और उन्हें उम्र-समूह क्रिकेट में मौका मिला.
Akash Deep Career: बल्लेबाज से बन गए गेंदबाज
क्रिकेट में चमके आकाश
आकाशदीप ने फरवरी 2024 में टीम इंडिया के लिए डेब्यू किया था,लेकिन एजबेस्टन टेस्ट में उनका प्रदर्शन शानदार रहा. जसप्रीत बुमराह की गैरमौजूदगी में उन्होंने भारत की गेंदबाजी की कमान संभाली और 10 विकेट लेकर इंग्लैंड को धूल चटाई. उनकी तेज गति और सटीकता ने न सिर्फ विपक्षी बल्लेबाजों को परेशान किया, बल्कि दर्शकों का भी दिल जीत लिया. एक अंग्रेज फैन ने तो उनके लिए गाना गाकर सम्मान दिखाया. आकाशदीप ने कहा कि मैंने अपनी बहन के लिए ये मैच खेला, जो कैंसर से जूझ रही हैं. उनकी खुशी मेरे लिए सब कुछ है.
आकाश दीप का IPL का सफर
49 साल बाद हुआ ये कारनामा
23 फरवरी 2024 को रांची में इंग्लैंड के खिलाफ उन्होंने टेस्ट डेब्यू किया और पहले ही मैच में विकेट लेकर खुद को साबित कर दिया,लेकिन असली पहचान तब बनी जब 2025 में इंग्लैंड के खिलाफ एजबैस्टन टेस्ट में 10 विकेट चटकाए. 49 साल बाद किसी भारतीय गेंदबाज ने ये कारनामा किया. मैच के बाद आकाश ने अपने प्रदर्शन को अपनी कैंसर से जूझ रही बहन को समर्पित किया. उस पल में हर कोई भावुक हो गया.