Akash Deep: पापा नहीं चाहते थे बेटा खेले क्रिकेट,12 वीं तक की पढ़ाई, फ‍िर चमक गई किस्‍मत

Akash Deep: पापा नहीं चाहते थे बेटा खेले क्रिकेट,12 वीं तक की पढ़ाई, फ‍िर चमक गई किस्‍मत


Akash Deep Story, Indian cricketer: आज आकाशदीप भारत के लिए टेस्ट क्रिकेट खेल रहे हैं और जिसके बाद उनकी चर्चा पूरे देश में जोरों पर है. वजह है उनका शानदार प्रदर्शन, जिसने इंग्लैंड के खिलाफ एजबेस्टन टेस्ट में इतिहास रच दिया. आकाशदीप ने पहली पारी में 4 और दूसरी में 6 विकेट लेकर कुल 10 विकेट झटके, जिससे भारत ने 336 रनों से जीत हासिल की और 58 साल पुराना एजबेस्टन जिंक्स तोड़ा. लेकिन उनकी ये कामयाबी सिर्फ क्रिकेट तक सीमित नहीं, बल्कि उनकी मेहनत, पढ़ाई और परिवार की संघर्ष भरी कहानी से भी जुड़ी है…

Akash Deep ki Kahani: बिहार के रहने वाले हैं आकाशदीप

आकाश का जन्म 15 दिसंबर 1996 को बिहार के सासाराम जिले के डेहरी गांव में हुआ.पिता रामजी सिंह स्कूल टीचर थे.आकाशदीप का बचपन आसान नहीं था. 16 साल की उम्र में उनके पिता का देहांत हो गया और इसके सिर्फ 6 महीने बाद उनके बड़े भाई की भी मृत्यु हो गई. इस सदमे ने परिवार को तोड़कर रख दिया.मां लड्डुमा देवी ने घर और आकाश को संभाला,लेकिन क्रिकेट तब उनकी जिंदगी से गायब हो गया.तीन साल तक आकाश ने बैटबॉल छूआ तक नहीं.

पिता थे क्रिकेट के खिलाफ

आकाशदीप के पिता शुरू में क्रिकेट के खिलाफ थे, क्योंकि बिहार में उस वक्त यह करियर का अच्छा विकल्प नहीं लगता था. लेकिन 2007 के टी20 वर्ल्ड कप फाइनल ने उनकी सोच बदली.पिता के जाने के बाद भाई और मां ने उनका हौसला बढ़ाया. अब उनकी बहन की बीमारी ने उन्हें और मजबूत किया है.आकाशदीप की कहानी साबित करती है कि पढ़ाई और मेहनत के साथ परिवार का साथ आगे बढ़ सकते हैं.

Akash Deep Education: आकाश ने साराराम के स्‍कूल से की पढ़ाई

आकाशदीप की शुरुआती पढ़ाई बिहार से ही हुई.उन्‍होंने सासाराम के एक स्‍कूल से 12वीं तक की पढ़ाई की. बाद में वह अपने सपनों को पूरा करने के लिए पश्चिम बंगाल चले गए. वहां उन्होंने क्रिकेट के साथ पढ़ाई जारी रखी. शुरुआत में उन्होंने टेनिस बॉल क्रिकेट खेलकर पॉकेट मनी कमाई, लेकिन उनकी मेहनत को बंगाल के स्काउट्स ने पहचाना और उन्हें उम्र-समूह क्रिकेट में मौका मिला.

Akash Deep Career: बल्लेबाज से बन गए गेंदबाज 

कहते हैं जब जुनून बड़ा हो तो किस्मत भी हार मान लेती है.आकाश ने 2010 में बंगाल के दुर्गापुर जाकर एक क्रिकेट अकादमी जॉइन की. शुरुआत में वो बल्लेबाज थे, लेकिन कोच ने उनकी गेंदबाजी में तेजी देखी और वहीं से उन्होंने अपना बॉलिंग करियर शुरू किया.कुछ ही सालों में उन्होंने बंगाल अंडर-23 टीम से खेलना शुरू कर दिया.फिर मार्च 2019 में सैयद मुश्ताक अली ट्रॉफी से T20 डेब्यू किया.सितंबर 2019 में विजय हजारे ट्रॉफी से लिस्ट A में आकाशदीप ने डेब्यू किया और दिसंबर 2019 में रणजी ट्रॉफी से फर्स्ट क्लास क्रिकेट का आगाज किया.

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क्रिकेट में चमके आकाश

आकाशदीप ने फरवरी 2024 में टीम इंडिया के लिए डेब्यू किया था,लेकिन एजबेस्टन टेस्ट में उनका प्रदर्शन शानदार रहा. जसप्रीत बुमराह की गैरमौजूदगी में उन्होंने भारत की गेंदबाजी की कमान संभाली और 10 विकेट लेकर इंग्लैंड को धूल चटाई. उनकी तेज गति और सटीकता ने न सिर्फ विपक्षी बल्लेबाजों को परेशान किया, बल्कि दर्शकों का भी दिल जीत लिया. एक अंग्रेज फैन ने तो उनके लिए गाना गाकर सम्मान दिखाया. आकाशदीप ने कहा कि मैंने अपनी बहन के लिए ये मैच खेला, जो कैंसर से जूझ रही हैं. उनकी खुशी मेरे लिए सब कुछ है.

आकाश दीप का IPL का सफर

आकाश दीप वर्ष 2021 में RCB में नेट बॉलर बने और 2022 में 20 लाख में खरीदे गए.2025 में तो कमाल ही हो गया जब लखनऊ सुपर जायंट्स ने 8 करोड़ की मोटी रकम में उन्हें अपनी टीम में शामिल किया.

49 साल बाद हुआ ये कारनामा

23 फरवरी 2024 को रांची में इंग्लैंड के खिलाफ उन्होंने टेस्ट डेब्यू किया और पहले ही मैच में विकेट लेकर खुद को साबित कर दिया,लेकिन असली पहचान तब बनी जब 2025 में इंग्लैंड के खिलाफ एजबैस्टन टेस्ट में 10 विकेट चटकाए. 49 साल बाद किसी भारतीय गेंदबाज ने ये कारनामा किया. मैच के बाद आकाश ने अपने प्रदर्शन को अपनी कैंसर से जूझ रही बहन को समर्पित किया. उस पल में हर कोई भावुक हो गया.



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