IAS नियाज खान के ट्वीट से भड़के मुस्लिम स्कॉलर अनस अली – बोले: “सिर्फ ट्वीट नहीं, काम करिए”

IAS नियाज खान के ट्वीट से भड़के मुस्लिम स्कॉलर अनस अली – बोले: “सिर्फ ट्वीट नहीं, काम करिए”


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IAS Niaz Khan News: भोपाल में IAS नियाज खान के ट्वीट पर विवाद खड़ा हो गया है. उन्होंने मुस्लिमों को मांस, मछली जैसे व्यवसाय छोड़कर सम्मानजनक व्यापार अपनाने की सलाह दी.

IAS नियाज खान के ट्वीट से भड़के मुस्लिम स्कॉलर अनस अली

हाइलाइट्स

  • मुस्लिम समाज ने दिया करारा जवाब
  • IAS नियाज खान को अनस अली की खरी-खरी
  • कौम को बदलना है तो इंस्टिट्यूट खोलिए
भोपाल. भोपाल में इन दिनों IAS अधिकारी नियाज खान के एक ट्वीट को लेकर सोशल मीडिया पर काफी बहस चल रही है. इस ट्वीट में खान ने कुछ ऐसे मुद्दे उठाए जिन पर मुस्लिम स्कॉलर अनस अली ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है. अनस अली का कहना है कि सिर्फ ट्वीट कर देने से मुस्लिम समुदाय की स्थिति नहीं सुधरने वाली, बल्कि इसके लिए जमीनी स्तर पर काम करना होगा.

अनस अली ने कहा कि नियाज खान खुद एक वरिष्ठ IAS अधिकारी हैं और उनके पास संसाधन भी हैं, तो वे चाहें तो भोपाल में मुस्लिम बच्चों के लिए एक संस्थान या कोचिंग सेंटर शुरू कर सकते हैं. “आप ट्वीट में चिंता तो ज़ाहिर करते हैं, लेकिन जब आपके पास ताकत है तो कुछ ठोस क्यों नहीं करते?” — उन्होंने सवाल उठाया.

बता दें कि IAS नियाज खान ने ट्वीट में लिखा कि,’ मैं चाहता हूं कि मेरी कौम भी आधुनिक हों. इसके लिए मुर्गी, अंडा, मछली, मांस बेचना धीरे धीरे बंद कर दूसरे व्यवसाय चुने जाएं जो सम्मानजनक हों. वैसे भी भारत शाकाहार प्रधान देश है.

अनस अली ने यह भी कहा कि अगर आप सरकार में इतनी बड़ी भूमिका में हैं तो आपको बताना चाहिए कि आपने या आपकी सरकार ने अब तक अल्पसंख्यक समुदाय खासकर गरीब मुस्लिम बच्चों के लिए क्या काम किया है? उन्होंने आरोप लगाया कि आज पूरे प्रदेश और देश में अल्पसंख्यकों के साथ अत्याचार और अन्याय हो रहा है, और अफसोसजनक बात यह है कि ऐसे समय में भी आप चुप रहते हैं.

अनस ने आगे कहा, “आप सिर्फ सोशल मीडिया पर सक्रिय न रहें. ज़रा कभी उन गलियों में जाइए जहां मुस्लिम बच्चे बेहद गरीबी में जी रहे हैं. वे पढ़ाई छोड़कर मछली, मांस या मुर्गा बेचने का काम कर रहे हैं ताकि अपने परिवार का पेट भर सकें. इसमें अगर आपको दिक्कत होती है तो यह समझना होगा कि हालात ने उन्हें मजबूर किया है.”

उन्होंने यह भी जोड़ा कि यह सिर्फ मुस्लिमों की बात नहीं है. “देश में कई गैर-मुस्लिम भी यही काम करते हैं. व्यापार छोटा हो या बड़ा, सम्मानजनक होता है. ऐसे में किसी विशेष समुदाय को निशाना बनाना सरासर गलत है.”अनस अली का यह रिएक्शन न सिर्फ नियाज खान के ट्वीट पर सवाल उठाता है, बल्कि यह भी दर्शाता है कि अब मुस्लिम बुद्धिजीवी समाज केवल बातों से नहीं, व्यवहारिक बदलाव की मांग कर रहे हैं.

Anuj Singh

Anuj Singh serves as a Content Writer for News18MPCG (Digiatal), bringing over Two Years of expertise in digital journalism. His writing focuses on hyperlocal issues, Political, crime, Astrology. He has worked …और पढ़ें

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