भिंड कलेक्टर ने परीक्षार्थी में थप्पड़ मारे: कलेक्टर बोले- परीक्षार्थी ने पेपर बाहर भेजा था, छात्र ने कहा- पेपर गायब हुआ था – Bhind News

भिंड कलेक्टर ने परीक्षार्थी में थप्पड़ मारे:  कलेक्टर बोले- परीक्षार्थी ने पेपर बाहर भेजा था, छात्र ने कहा- पेपर गायब हुआ था – Bhind News


परीथा​र्थी को चांटे मारते हुए कलेक्टर संजीव श्रीवास्तव।

भिंड जिले में मार्च महीने में आयोजित स्नातक परीक्षाओं के दौरान नकल के मामले में कलेक्टर संजीव श्रीवास्तव ने एक परी​क्षार्थी में चांटे में मारे। ये चार माह पुराना वीडियो अब सामने आया है। इस वीडियो में कलेक्टर एक परीक्षार्थी को दो थप्पड़ मारते नजर आ रह

.

इस दौरान कलेक्टर परीक्षार्थी से बार बार पेपर के बारे में पूछ रहे है परंतु परीक्षार्थी कुछ भी नहीं बता पा रहा है।

जानकारी के मुताबिक, 1 मार्च 2025 को जीवाजी विश्वविद्यालय की बीए, बीएससी परीक्षाओं के दौरान नकल की शिकायतें लगातार आ रही थीं। इसी बीच कलेक्टर संजीव श्रीवास्तव ने पंडित दीनदयाल कॉलेज, लाड़मपुरा परीक्षा केंद्र का निरीक्षण किया।

इसी दौरान आरोप यह था कि बीएससी के फिजिक्स का पेपर हल करने के लिए एग्जाम हॉल में बैठा परीक्षार्थी रोहित राठौर प्रश्नपत्र सेंटर से बाहर भिजवा दिया था, ताकि उसका हल कराया जा सके। जब केंद्र पर ड्यूटी कर रहे स्टाफ ने छात्र से पेपर की जानकारी पूछी, तो वह कुछ नहीं बता पाया। स्टाफ ने उसकी कॉपी जब्त कर उसे ऑफिस बुलाया।

छात्र रोहित राठौर।

जब कलेक्टर वहां पहुंचे और छात्र से पेपर की जानकारी मांगी, तो उसने चुप्पी साध ली और कुछ नहीं बता पाया। इस पर कलेक्टर ने गुस्से में आकर छात्र को दो थप्पड़ मार दिए। पूरी घटना का ऑफिस में लगे सीसीटीवी में रिकॉर्ड हो गई है। ये वीडियो उस समय तो सामने नहीं आया था, लेकिन अब शनिवार रात सोशल मीडिया पर वायरल हो गया।

इस मामले में दैनिक भास्कर ने जब कलेक्टर संजीव श्रीवास्तव से बात की, तो उन्होंने बताया कि घटना पुरानी है। छात्र पेपर बाहर भिजवाकर नकल कराने की कोशिश कर रहा था। जब जानकारी मांगी, तो जवाब तक नहीं दिया। प्रशासन ने नियम अनुसार परीक्षा से बाहर किया था।

वहीं दैनिक भास्कर की टीम छात्र रोहित राठौर के घर पहुंची। उसका कहना है कि ये मामला चार माह पुराना है। में बीएससी सेकेंड ईयर का फिजिक्स की परीक्षा में बैठा था। तभी टॉयलेट के लिए गया। वापस आया तो मेरी टेबल से पेपर गायब था। इसी समय कलेक्टर आ गए।

उन्होंने मुझ पर नकल का संदेह जाहिर किया। मेरे चांटे मारे थे। मेरे कान में भी चोट आई ​थी। नकल का प्रकरण भी बनाया था। मेरा पक्ष को सुना नहीं गया था।



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