सलोनी को लेकर मंगलवार रात क्राइम ब्रांच इंदौर पहुंची।
इंदौर क्राइम ब्रांच ने फर्जी तरीके से जमानत लेने पर सलोनी अरोरा पर धोखाधड़ी का केस दर्ज किया है। जमानत दिलाने वाले केदार डाबी और मधु श्रीवास्तव को भी इस मामले में आरोपी बनाया है।
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क्राइम ब्रांच के डीसीपी राजेश त्रिपाठी ने बताया कि डाबी 2022 में एक फर्जी जमानत मामले में भी आरोपी रह चुका है। उसके बाद हाईकोर्ट ने आदेश दिए थे कि वह कभी भी किसी को जमानत नहीं दिला सकेगा, फिर भी उसने उन्हीं दस्तावेजों के आधार पर सलोनी को जनवरी 2024 को जमानत दिलाई थी, जबकि डाबी के दस्तावेज पहले ही दूसरी जमानत में लगे थे। मधु ने ही केदार डाबी को सलोनी से मिलवाया और जमानत की पूरी व्यवस्था की थी।
सलोनी अरोरा पर धोखाधड़ी का केस दर्ज किया गया है।
सलोनी को 3 बार लेनी पड़ी जमानत एक मामले में जेल जा चुकी सलोनी को तीन बार जमानत लेना पड़ी है। पहले उसकी भाभी ने जमानत दी थी, लेकिन बाद में जमानत वापस लेने के लिए आवेदन लगा दिया।
इसके बाद कोर्ट ने नोटिस दिया तो सलोनी ने केदार डाबी की मदद ली। उसने सलोनी के लिए कोर्ट में जमानत पेश कर दी। डाबी जमानत दिलाने वाली गैंग से जुड़ा है।
क्राइम ब्रांच ने सलोनी और केदार डाबी को हिरासत में ले लिया है।