शिवपुरी जिले के कोलारस में गुजरात के गिरनार पर्वत की पंचम टोंक पर जैन श्रद्धालुओं को पूजा-पाठ से रोके जाने का जैन समाज ने विरोध किया। बुधवार को भारतीय जैन मिलन शाखा कोलारस ने स्थानीय एसडीएम कार्यालय पहुंचकर गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल के नाम
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इसमें 2 जुलाई को हुई घटना की कड़ी निंदा करते हुए दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की है। इस दौरान जैन समाज के डॉ. महावीर जैन, मनोज जैन, दीपक जैन, सोनू जैन, दीपक चौधरी व नवीन जैन सहित समाजजन मौजूद रहे।
श्रद्धालुओं से अभद्रता, पूजन सामग्री छीनी गई जैन समाज के लोगों ने बताया कि गिरनार पर्वत की पंचम टोंक, जहां जैन धर्म के 22वें तीर्थंकर भगवान नेमीनाथ ने मोक्ष प्राप्त किया था, वहां देशभर से पहुंचे हजारों श्रद्धालुओं को पूजन, जयकारा, निर्वाण लड्डू अर्पण जैसी गतिविधियों से रोक दिया गया।पुलिस ने कई स्थानों पर चेकिंग के दौरान पूजन सामग्री छीन ली और महिलाओं के साथ अभद्रता की गई।
ASI और गुजरात गजेटियर दे चुके हैं जैन तीर्थस्थल का प्रमाण ज्ञापन में बताया गया कि भारतीय पुरातत्त्व सर्वेक्षण विभाग (ASI) और गुजरात राज्य गजेटियर दोनों ही इस स्थान को जैन तीर्थ स्थल के रूप में मान्यता दे चुके हैं। इसके अलावा गुजरात हाईकोर्ट ने 2005 में आदेश दिया था कि पंचम टोंक पर कोई नया निर्माण नहीं किया जाएगा। इसके बावजूद वहां अवैध रूप से दत्तात्रेय मूर्ति स्थापित की गई है।
समाज की प्रमुख मांगें: अवैध मूर्ति हटे, टोंक को घोषित किया जाए राष्ट्रीय धरोहर
ज्ञापन में समाज ने तीन प्रमुख मांगें उठाईं
- पंचम टोंक से दत्तात्रेय मूर्ति हटाई जाए।
- ASI और गजेटियर निर्देशों का सख्ती से पालन कराया जाए।
- पंचम टोंक को संरक्षित जैन राष्ट्रीय धरोहर घोषित किया जाए।
धार्मिक भावनाओं का उल्लंघन, संविधान के अधिकारों पर हमला— समाज जैन समाज ने इस घटनाक्रम को धार्मिक आस्था और संविधान द्वारा दिए गए अधिकारों का घोर उल्लंघन बताया। समाज ने स्पष्ट किया कि यदि गुजरात सरकार शीघ्र कार्रवाई नहीं करती, तो आंदोलनात्मक कदम उठाने पर मजबूर होना पड़ेगा।