1. जोड़ों में सरसों या नारियल का तेल लगाएं: लकड़ी के दरवाजों और खिड़कियों के कुंदों (hinges) में अक्सर नमी के कारण जंग या घर्षण हो जाता है, जिससे आवाज आने लगती है. इस पर आप घर में मौजूद सरसों का तेल, नारियल तेल या WD-40 लुब्रिकेंट का प्रयोग कर सकते हैं. रुई या ब्रश की मदद से तेल को कुंदों में अच्छी तरह डालें. कुंदों को दो-तीन बार खोलकर बंद करें, ताकि तेल भीतर तक पहुंच जाए. कुछ ही मिनटों में आप पाएंगे कि आवाज गायब हो चुकी है.
3. रेगमाल (सैंडपेपर) से रगड़ें उभरे हिस्से: कई बार लकड़ी फूलने के कारण दरवाजा फ्रेम में फंसने लगता है. यदि आपके दरवाजे या खिड़की के किनारों पर कुछ हिस्सा बाहर निकल रहा है, तो उसे रेगमाल से रगड़ें. इससे दरवाजे का आकार ठीक रहेगा और आवाज या रगड़ से छुटकारा मिलेगा. इसके बाद मोम या वैसलीन लगाना न भूलें.
5. लकड़ी पर वार्निश या वाटरप्रूफ कोटिंग करें: अगर आप चाहते हैं कि भविष्य में भी यह समस्या न हो तो लकड़ी की सतह पर वाटरप्रूफ पॉलिश या वार्निश करवाएं. यह लकड़ी को नमी से बचाता है और उसकी उम्र बढ़ाता है. हर साल मानसून से पहले यह कोटिंग करवाना बेहतर होता है.
कभी न करें ये दो गलती
– ग्रीस या मशीन ऑयल का इस्तेमाल न करें. क्योंकि इससे धूल चिपक सकती है और स्थिति और खराब हो सकती है.
– लकड़ी को तेज धूप में सुखाने की कोशिश न करें, इससे वह और अधिक फट सकती है.