बारिश में जाम हो रहे खिड़की-दरवाजे या आ रही आवाज? बिना खर्च किए सटासट खुलेंगे, नोट करें ये 5 तरीके

बारिश में जाम हो रहे खिड़की-दरवाजे या आ रही आवाज? बिना खर्च किए सटासट खुलेंगे, नोट करें ये 5 तरीके


Monsoon Tips: बारिश का मौसम गर्मी से राहत लेकर तो आता है, पर इसके साथ कई दिक्कतें भी सामने आती हैं. वहीं इस मौसम में घर में लकड़ी के दरवाजों और खिड़कियों में आवाज आने लगती है. पानी और नमी के कारण दरवाजे और खिड़कियां जाम होने लगती हैं. उनमें से चरमराहट की आवाजें आने लगती हैं, जो न सिर्फ परेशान करती हैं, बल्कि दरवाजों की उम्र भी घटा देती हैं. ऐसे में जरूरी हो जाता है कि हम समय रहते कुछ आसान उपाय अपनाकर इस समस्या से निपटें. आइए जानते हैं पांच घरेलू ट्रिक्स, जो बारिश के मौसम में दरवाजों-खिड़कियों के लिए कारगर हैं.

1. जोड़ों में सरसों या नारियल का तेल लगाएं: लकड़ी के दरवाजों और खिड़कियों के कुंदों (hinges) में अक्सर नमी के कारण जंग या घर्षण हो जाता है, जिससे आवाज आने लगती है. इस पर आप घर में मौजूद सरसों का तेल, नारियल तेल या WD-40 लुब्रिकेंट का प्रयोग कर सकते हैं. रुई या ब्रश की मदद से तेल को कुंदों में अच्छी तरह डालें. कुंदों को दो-तीन बार खोलकर बंद करें, ताकि तेल भीतर तक पहुंच जाए. कुछ ही मिनटों में आप पाएंगे कि आवाज गायब हो चुकी है.

2. लकड़ी पर वैसलीन या वैक्स का इस्तेमाल करें: बारिश के मौसम में लकड़ी में नमी घुस जाती है, जिससे वह फूल जाती है. दरवाजे जाम हो जाते हैं. इसका आसान उपाय है वैसलीन या वैक्स. दरवाजे या खिड़की के किनारों पर वैसलीन लगाएं. मोमबत्ती के वैक्स को भी रगड़ा जा सकता है. यह नमी को ब्लॉक करता है और दरवाजे को फ्री मूवमेंट में मदद करता है.

3. रेगमाल (सैंडपेपर) से रगड़ें उभरे हिस्से: कई बार लकड़ी फूलने के कारण दरवाजा फ्रेम में फंसने लगता है. यदि आपके दरवाजे या खिड़की के किनारों पर कुछ हिस्सा बाहर निकल रहा है, तो उसे रेगमाल से रगड़ें. इससे दरवाजे का आकार ठीक रहेगा और आवाज या रगड़ से छुटकारा मिलेगा. इसके बाद मोम या वैसलीन लगाना न भूलें.

4. फोम स्ट्रिप या रबर सील का इस्तेमाल करें: अगर खिड़की या दरवाजे के किनारों से हवा के साथ आवाज आती है या पानी रिसता है, तो बाजार में मिलने वाली फोम स्ट्रिप्स या रबर सीलिंग टेप का इस्तेमाल करें. इसे दरवाजे या खिड़की के फ्रेम पर चिपका दें. यह आवाज को भी रोकेगा और पानी भी नहीं घुसेगा.

5. लकड़ी पर वार्निश या वाटरप्रूफ कोटिंग करें: अगर आप चाहते हैं कि भविष्य में भी यह समस्या न हो तो लकड़ी की सतह पर वाटरप्रूफ पॉलिश या वार्निश करवाएं. यह लकड़ी को नमी से बचाता है और उसकी उम्र बढ़ाता है. हर साल मानसून से पहले यह कोटिंग करवाना बेहतर होता है.

कभी न करें ये दो गलती
– ग्रीस या मशीन ऑयल का इस्तेमाल न करें. क्योंकि इससे धूल चिपक सकती है और स्थिति और खराब हो सकती है.
– लकड़ी को तेज धूप में सुखाने की कोशिश न करें, इससे वह और अधिक फट सकती है.



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