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Burhanpur News: बुरहानपुर जिले के किसानों को इन दिनों अपनी फसल के लिए जरूरी डीएपी और यूरिया खाद के लिए दर-दर भटकना पड़ रहा है, लेकिन कहीं से राहत की कोई खबर नहीं है. कई बार शिकायतों के बाद भी समाधान नहीं मिला.
हाइलाइट्स
- जिले में 25 हजार हेक्टेयर में केले की होती है खेती
- किसानों को खाद डीएपी और 1632 नहीं मिल पा रही
- खाद की कमी से किसान-बागवान परेशान
किसान दिनेश चौधरी का कहना है कि हमारे सामने एक बड़ा संकट खड़ा हो गया है. इसलिए अब हम शासन-प्रशासन से मांग करते हैं कि खाद किसानों को मिले इसकी व्यवस्था की जाए. खाद पौधों को नहीं मिलने से फसले खराब होने का डर बना हुआ है. सबसे अधिक केले की खेती बुरहानपुर जिले में होती है. यदि केले के पौधे को समय पर खाद नहीं मिलती है तो वह खराब हो जाते हैं. जिससे किसानों को लाखों रुपए और करोड़ों रुपए का नुकसान भी होता है. इसलिए जिला प्रशासन के जिम्मेदारों ने ध्यान देकर खाद की व्यवस्था करना चाहिए.
लोकल 18 की टीम ने जब इच्छापुर क्षेत्र के किसान दिनेश चौधरी से बात की तो उन्होंने बताया कि बुरहानपुर जिले में डीएपी खाद और 1632 खाद नहीं मिल पा रही है. जिस कारण हम अपने पौधों को खाद नहीं दे पा रहे हैं. जिससे पौधे नष्ट होने का भी डर बना हुआ है. इसलिए अब हम कलेक्टर से मांग करते हैं कि इन खाद की व्यवस्था की जाए. ताकि हम भी समय पर अपने पौधों को खाद दे सकें. ताकि उनका भी उत्पादन अच्छा हो.
25 हजार हेक्टेयर में होती है केले की खेती
जिले में 25 हजार हेक्टेयर में केले की खेती होती है. जिसको लेकर किसानों के सामने एक बड़ा संकट खड़ा हो गया है. यह खाद ऐसी है कि इससे पौधों का उत्पादन अच्छा होता है. इसलिए किसान इस खाद को ही सबसे अधिक उपयोग करते हैं. लेकिन यह अभी बाजार में और सोसाइटी में नहीं मिल पा रही है जिस कारण यह समस्या जा रही है. इसलिए हमने कलेक्टर हर्ष सिंह को भी यह समस्या बताई है. कलेक्टर ने समस्या सुनने के बाद खाद की व्यवस्था करने का आश्वासन दिया है.