जिले में मक्का की फसल के लिए यूरिया की डिमांड एकाएक बढ़ गई है। खाद वितरण केंद्रों पर किसानों की कतार देखी जा रही है। मंगलवार को किसान बारिश में भीगते हुए यूरिया के लिए लाइन में लगे रहे। पर्याप्त यूरिया नहीं मिल पाया।
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मकरोनिया चौराहा के पास खाद वितरण केंद्र पर सुबह 5 बजे से किसानों की लंबी कतार लग गई थी। दोपहर तक 2 हजार से अधिक किसान केंद्र पर पहुंच चुके थे। भीड़ को देखते हुए प्रशासन ने 3 काउंटर बनाए, लेकिन एक काउंटर से टोकन नहीं बांटे गए, जिससे किसान आक्रोशित हो गए और पुलिस बुलाना पड़ी।
कलेक्टर ने तहसीलदारों की ड्यूटी लगाई
कलेक्टर संदीप जीआर ने सीहोरा पहुंचकर खाद वितरण केंद्र का निरीक्षण किया एवं मौके पर मौजूद किसानों से चर्चा की। उन्होंने सभी खाद वितरण केंद्रों पर तहसीलदार सहित अन्य अधिकारियों की तैनाती की है। उन्होंने निर्देश दिए की सभी खाद वितरण केंद्रों पर आवश्यक मूलभूत सुविधाओं का विशेष ध्यान रखा जाए। जिसमें बारिश से बचाव और शुद्ध पेयजल की व्यवस्था कराने के निर्देश दिए हैं।ॉ
आज 2600 मीट्रिक टन यूरिया का रैक और आएगा
यूरिया के लिए किसान मकरोनिया गोदाम पहुंचे तो यहां पहले से किसानों की लंबी कतार लगी थी। टोकन लेकर अपनी बारी का इंतजार करते हुए किसी किसान को 2 तो किसी को 4 घंटे हो गए थे। इसी बीच बारिश हुई तब भी किसान लाइन से नहीं हटे। नरयावली के किसान राधेश्याम ने बताया कि 15 बोरी यूरिया की जरूरत थी लेकिन 5 बोरी ही मिल पाई। किशनपुरा, टड़ा व अन्य स्थानों से आए किसान भी परेशान रहे। मार्कफेड के डीएमओ रोहित बघेल ने बताया कि 2600 मीट्रिक टन यूरिया का रैक बुधवार को आ जाएगा। 2000 मीट्रिक टन यूरिया बांटा गया है। 3000 मीट्रिक टन एनपीके उपलब्ध है।