Sawan 2025: अगर कुंडली में है पितृ दोष, तो सावन में जरूर करें ये 5 उपाय, भगवान शिव करेंगे दुखों का नाश

Sawan 2025: अगर कुंडली में है पितृ दोष, तो सावन में जरूर करें ये 5 उपाय, भगवान शिव करेंगे दुखों का नाश


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Sawan 2025: सावन का पावन महीना सिर्फ शिव भक्ति का ही नहीं, बल्कि पितृ दोष से मुक्ति पाने का भी उत्तम समय है. यदि आपके जीवन में बार-बार अड़चनें आ रही हैं या कार्य बनते-बनते बिगड़ जाते हैं, तो सावन में कुछ विशेष …और पढ़ें

हाइलाइट्स

  • ये 5 उपाय बदल सकते हैं आपकी किस्मत
  • गंगाजल से शिवलिंग और दीप से पितरों को करें प्रसन्न
  • सावन का चमत्कारी संयोग
उज्जैन. हिन्दू धर्म में सावन के महीने का शिव भक्तो को बेसब्री से इंतज़ार रहता है. शिव शंकर के प्रिय महीने की शुरुआत 11 जुलाई से शुरू हो गईं है. शास्त्रों के अनुसार, इस महीने में भगवान शिव अपने परिवार के साथ पृथ्वी पर विचरण करने आते हैं. इसी वजह से इस पूरे महीने भगवान शिव से जुड़ी तमाम धार्मिक यात्राएं होती हैं. लोग पूरे माह मंदिर में शिवलिंग पर जल अर्पित कर भोलेनाथ का नाम स्मरण करते हैं. ज्योतिष के अनुसार, सावन का महीना पितृ दोष से मुक्ति के लिए सबसे उत्तम माना गया है. इस महीने में कुछ विशेष उपाय करके आप महादेव और पितरों का भी आशीर्वाद प्राप्त कर सकते हैं. आइए उज्जैन के आचार्य आनंद भारद्वाज से जानते हैं सावन मास में पितृ दोष से मुक्ति के लिए क्या उपाय करने चाहिए.

सावन में जरूर करें यह उपाय पितृ दोष होगा दूर 
– सावन में भोलेनाथ को गंगाजल अर्पित करना सबसे शुभ माना गया है. मां गंगा, भगवान शिव की जटाओं से निकली हैं, इसलिए उनका जल शिवजी को बेहद प्रिय होता है. पितृ दोष से मुक्ति पाने के लिए शिवलिंग पर गंगाजल चढ़ाएं. ऐसा करने से जीवन में सकारात्मक परिणाम मिलते हैं.

– भगवान शिव शंकर की कृपा से पितृ दोष से मुक्ति पाने के लिए सावन में मां गंगा के 108 नामों का जप करने से कई प्रकार के दोष मिटते हैं. सावन सोमवार को मां गंगा के 108 नामों का पाठ करके शिवलिंग पर जल अर्पित करने से पुण्य फल की प्राप्ति होती है.

– सावन में शिवलिंग पर जल अर्पित करते समय ‘ॐ नमः शिवाय:’ मंत्र का जाप करें. यह मंत्र जल की पवित्रता के लिए बेहद जरूरी है और इस मंत्र का जाप करने से भगवान शिव के साथ पितरों की भी कृपा बनती है.

– सावन के दौरान पितरों का आशीर्वाद पाने के लिए उनकी तस्वीर के आगे दीपक जलाकर ‘ॐ पितृभ्य नमः’ और ‘ॐ पितृदेवतायै नम:’ मंत्र का जाप सुबह शाम करना चाहिए. मान्यता है कि इन मंत्रों का जाप करने से पूर्वजों की आत्मा को शांति मिलती है और कुंडली में मौजूद पितृदोष भी दूर होता है.

Anuj Singh

Anuj Singh serves as a Content Writer for News18MPCG (Digiatal), bringing over Two Years of expertise in digital journalism. His writing focuses on hyperlocal issues, Political, crime, Astrology. He has worked …और पढ़ें

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Sawan 2025: अगर कुंडली में है पितृ दोष, तो सावन में जरूर करें ये 5 उपाय

Disclaimer: इस खबर में दी गई जानकारी, राशि-धर्म और शास्त्रों के आधार पर ज्योतिषाचार्य और आचार्यों से बात करके लिखी गई है. किसी भी घटना-दुर्घटना या लाभ-हानि महज संयोग है. ज्योतिषाचार्यों की जानकारी सर्वहित में है. बताई गई किसी भी बात का Local-18 व्यक्तिगत समर्थन नहीं करता है.



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