प्रोजेक्ट लगाने पर 3 लाख की मदद मिलेगी
एक बगिया मां के नाम प्रोजेक्ट आधा एकड़ से शुरू होकर अधिकतम एक एकड़ की यूनिट पर खत्म हो जाएगा, इसके लिए 3 साल में 285000 से लेकर अधिकतम 3 लाख तक की सरकारी मदद मिलेगी. यानी 100 परसेंट पैसा सरकार दे रही है.
3 साल तक मिलेगा लाभ
सागर SRLM के जिला अधिकारी प्रभांशु मडोतिया बताते हैं कि एक एकड़ का प्रोजेक्ट तैयार करने मैं रुपए 1 से लेकर 3 लाख तक जो भी खर्च आएगा पैसा सरकार पूरा हितग्राही को देगा इसमें यूनिट लगाने वाली महिलाएं पौधे खरीदने का बिल, फेंसिंग करने के खर्च का बिल, जल कुंड बनाने का बिल पंचायत को देना पड़ेगा. फिर इसका पूरा पैसा हितग्राही के खाते में सीधे आ जाएगा. दूसरे साल में पौधों की देखभाल करने के लिए 42 दिन की मजदूरी मनरेगा के तहत मिलेगी और तीसरे साल में 35 दिन की मजदूरी मिलेगी इसके बाद पौधे फल देने लगेंगे तो उसमें कमाई भी होगी और देखभाल.
एक बगिया मां के नाम योजना का लाभ केवल ऐसे हितग्राहियों को मिलेगा जिनकी समग्र आईडी पर आधा एकड़ जमीन नाम पर हो वह मनरेगा की पात्रता रखता हो साथ में जॉब कार्ड हो. साथ ही सबसे जरूरी बात की वह किसी स्वयं सहायता समूह में जुड़ा हुआ हो.
ऐसे होगा हितग्राही का चयन
आवेदन करने के बाद ऑटोमैटिक शिप्री सॉफ्टवेयर आपके लोकेशन के आधार पर यह बताएगा, कौन से फलदार वृक्ष सूटेबल हैं वही पेड़ आपको लगाने होंगे, इसके चयन की पूरी प्रक्रिया होगी. सागर में करीब 12 प्रकार के फ़लदार वृक्ष लगाई जा सकते हैं जिनमें टॉप 3 आपके लिए सजेस्ट किए जाएंगे.
परियोजना के अंतर्गत लाभार्थी महिलाओं को सरकार द्वारा पौधे, खाद, गड्ढे खुदवाना, फेंसिंग, और 50 हजार लीटर जलकुंड बनवाने के लिए वित्तीय सहायता दी जाएगी. साथ ही बागवानी तकनीकों का प्रशिक्षण भी प्रदान किया जाएगा, ताकि महिलाएं पेशेवर तरीके से अपनी बगिया चला सकें.