अब महिलाएं बनेंगी खेतों की मालिक, MP सरकार दे रही ₹3 लाख की मदद, जानें कैसे करें आवेदन Ek Bagiya Maa Ke Naam Yojana

अब महिलाएं बनेंगी खेतों की मालिक, MP सरकार दे रही ₹3 लाख की मदद, जानें कैसे करें आवेदन Ek Bagiya Maa Ke Naam Yojana


MP महिला सशक्तिकरण योजना. मध्य प्रदेश की मोहन सरकार ने महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने, पर्यावरण संरक्षण में एक कदम और आगे बढ़ाने के लिए नई योजना लॉन्च की है, जो खास तौर पर महिलाओं के लिए आर्थिक रूप से सशक्त करेगी. एमपी गवर्नमेंट ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के एक पेड़ मां के नाम अभियान से मोटिवेट होकर प्रदेश में एक बगिया मां के नाम से परियोजना शुरू की है. इसमें हर जिले में एक लाख फलदार पौधे लगाने का लक्ष्य रखा गया है. योजना का लाभ स्वयं सहायता समूह से जुड़ी महिलाओं को मिलेगा, इसमें सरकार के द्वारा लाखों रुपए दिए जा रहे हैं.

प्रोजेक्ट लगाने पर 3 लाख की मदद मिलेगी
एक बगिया मां के नाम प्रोजेक्ट आधा एकड़ से शुरू होकर अधिकतम एक एकड़ की यूनिट पर खत्म हो जाएगा,  इसके लिए 3 साल में 285000 से लेकर अधिकतम 3 लाख तक की सरकारी मदद मिलेगी. यानी 100 परसेंट पैसा सरकार दे रही है.

1 एकड़ के प्रोजेक्ट में कटीले तार वाली फेंसिंग करवानी पड़ेगी, इसमें पौधे खरीदने पड़ेंगे साथ ही जो उर्वरक की जरूरत होगी, वह भी. इस जगह में जल स्रोत होना जरूरी है, अगर यह नहीं है तो जल कुंड बनवाना पड़ेगा जो 5 बाई 5 बाई 2 मीटर का होगा.
3 साल तक मिलेगा लाभ

सागर SRLM के जिला अधिकारी प्रभांशु मडोतिया बताते हैं कि एक एकड़ का प्रोजेक्ट तैयार करने मैं रुपए 1 से लेकर 3 लाख तक जो भी खर्च आएगा पैसा सरकार पूरा हितग्राही को देगा इसमें यूनिट लगाने वाली महिलाएं पौधे खरीदने का बिल, फेंसिंग करने के खर्च का बिल, जल कुंड बनाने का बिल पंचायत को देना पड़ेगा. फिर इसका पूरा पैसा हितग्राही के खाते में सीधे आ जाएगा. दूसरे साल में पौधों की देखभाल करने के लिए 42 दिन की मजदूरी मनरेगा के तहत मिलेगी और तीसरे साल में 35 दिन की मजदूरी मिलेगी इसके बाद पौधे फल देने लगेंगे तो उसमें कमाई भी होगी और देखभाल.

हितग्राही की पात्रता में यह जरूरी
एक बगिया मां के नाम योजना का लाभ केवल ऐसे हितग्राहियों को मिलेगा जिनकी समग्र आईडी पर आधा एकड़ जमीन नाम पर हो वह मनरेगा की पात्रता रखता हो साथ में जॉब कार्ड हो. साथ ही सबसे जरूरी बात की वह किसी स्वयं सहायता समूह में जुड़ा हुआ हो.

ऐसे होगा हितग्राही का चयन
आवेदन करने के बाद ऑटोमैटिक शिप्री सॉफ्टवेयर आपके लोकेशन के आधार पर यह बताएगा, कौन से फलदार वृक्ष सूटेबल हैं वही पेड़ आपको लगाने होंगे, इसके चयन की पूरी प्रक्रिया होगी. सागर में करीब 12 प्रकार के फ़लदार वृक्ष लगाई जा सकते हैं जिनमें टॉप 3 आपके लिए सजेस्ट किए जाएंगे.

परियोजना के अंतर्गत लाभार्थी महिलाओं को सरकार द्वारा पौधे, खाद, गड्ढे खुदवाना, फेंसिंग, और 50 हजार लीटर जलकुंड बनवाने के लिए वित्तीय सहायता दी जाएगी. साथ ही बागवानी तकनीकों का प्रशिक्षण भी प्रदान किया जाएगा, ताकि महिलाएं पेशेवर तरीके से अपनी बगिया चला सकें.



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