किसान भाई…31 जुलाई तक कर लें ये काम, भारी बारिश में फसल खराब होगी तो मुआवजा मिलना तय

किसान भाई…31 जुलाई तक कर लें ये काम, भारी बारिश में फसल खराब होगी तो मुआवजा मिलना तय


Farmer News: मध्य प्रदेश में इस बार मानसून चरम पर है. कई जिलों में बारिश ने तबाही मचा दी है. सड़कों, बाजारों और खेतों में पानी भर गया है, जिससे किसानों को अपनी फसलों के खराब होने की चिंता सता रही है. लेकिन, किसान भाई, ऐसी स्थिति में प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना का लाभ उठा सकते हैं. इस योजना के तहत प्राकृतिक आपदाओं से फसल खराब होने पर मुआवजा मिलता है.

प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत खरीफ सीजन में 14 तरह की फसलों (सोयाबीन, मक्का, उड़द, मूंग, तिल, धान, बाजरा, अरहर, तुअर, मूंगफली, कपास) का बीमा किया जा रहा है. अगर आपने अभी तक अपनी फसल का बीमा नहीं कराया है, तो तुरंत करा लें. 31 जुलाई के बाद बीमा नहीं होगा. इसमें केवल 2 प्रतिशत बीमा राशि किसान को देनी होती है और बाकी सरकार भरपाई करती है.

कैसे करें PMFBY में आवेदन?
बारिश के अलावा सूखा, कीड़ा लगने या किसी अन्य कारण से आपकी फसल को नुकसान होता है, तो बीमा कंपनी से मिलने वाला पैसा आपको संकट से बचा सकता है. बीमा आप ऑनलाइन सेंटर से करा सकते हैं. इसके लिए सबसे पहले पीएम फसल बीमा योजना के ऑफिशियल पोर्टल पर जाएं. वहां आपको Insurance Premium Calculator का ऑप्शन दिखेगा. फिर खरीफ या रबी में से कोई एक चुनें. अभी आपको खरीफ चुनना है. साल में 2025, योजना में PMFBY और राज्य में मध्यप्रदेश का चयन करें. इसके बाद अपने जिले और फसल का चुनाव करें.

फसल का सही चुनाव बहुत जरूरी
सागर में कृषि विभाग के डिप्टी डायरेक्टर राजेश त्रिपाठी ने बताया, फसल बीमा कराते समय फसल का सही चुनाव करना बहुत जरूरी है. कई बार हम बीमा करा तो लेते हैं, लेकिन फसल सही नहीं होने पर किसानों को नुकसान होने पर मुआवजा नहीं मिल पाता है. सागर जिले में 5 लाख 15 हजार हेक्टेयर में खरीफ फसलों की बुआई की गई है, जिसमें सोयाबीन और मक्का का रकबा 70 प्रतिशत है और बाकी शेष फसलें हैं.



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