बिना प्रिसक्रिप्शन दवाएं बेचने वालों पर कसेगा शिकंजा: विदिशा में बच्चों को नशीले पदार्थ बेचने पर 7 साल की जेल और 1 लाख तक जुर्माना – Vidisha News

बिना प्रिसक्रिप्शन दवाएं बेचने वालों पर कसेगा शिकंजा:  विदिशा में बच्चों को नशीले पदार्थ बेचने पर 7 साल की जेल और 1 लाख तक जुर्माना – Vidisha News



विदिशा जिले में मेडिकल दुकानों पर बिना डॉक्टर की पर्ची के दवाइयों की बिक्री और नाबालिग बच्चों को सिगरेट-तंबाकू जैसे नशीले पदार्थ बेचने वालों पर अब कड़ी कार्रवाई होगी। प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश तथा जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के अध्यक्ष जाकिर हुसैन

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न्यायाधीश जाकिर हुसैन ने स्पष्ट किया है कि जिन दुकानों पर ये गतिविधियां पाई जाएंगी, उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि बच्चों का भविष्य बर्बाद करने वालों को किसी भी स्थिति में छोड़ा नहीं जाएगा।

जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव नितेन्द्र सिंह तोमर ने बताया कि यह किशोर न्याय अधिनियम 2015 की धारा 77 का उल्लंघन है। इस कानून के तहत 18 साल से कम उम्र के बच्चों को नशीले पदार्थ बेचने पर अधिकतम 7 साल की जेल या 1 लाख रुपये तक जुर्माना, या दोनों सजा हो सकती है।

औषधि एवं प्रसाधन सामग्री अधिनियम 1945 की धारा 27 और नियम 65 के अनुसार अनुसूचित दवाइयों की बिक्री केवल डॉक्टर के प्रिस्क्रिप्शन पर ही की जा सकती है। इसका उल्लंघन करने पर 1 से 10 साल की सजा और 10,000 रुपए तक जुर्माना हो सकता है।

एक्सपायरी और गलत लेबल वाली दवाओं की बिक्री पूरी तरह से प्रतिबंधित है। सिगरेट एवं अन्य तंबाकू उत्पाद अधिनियम 2003 की धारा 6 के अनुसार कोई भी व्यक्ति 18 वर्ष से कम आयु के बच्चे को तंबाकू नहीं बेच सकता। धारा 24 के तहत इसके उल्लंघन पर 200 रुपए जुर्माना लगाया जा सकता है।

प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि यदि कहीं भी इस तरह की गतिविधियां दिखें तो तुरंत पुलिस को सूचित करें। यह कार्रवाई बच्चों को नशे के खतरे से बचाने के लिए आवश्यक है और समाज को नशामुक्त और सुरक्षित बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।



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