अशोकनगर में बिजली कंपनी द्वारा लगाए जा रहे प्रीपेड स्मार्ट मीटरों को लेकर उपभोक्ताओं में नाराजगी देखी जा रही है। स्थानीय स्तर पर विरोध शुरू हो गया है। इसे देखते हुए बिजली कंपनी ने बीती शाम एक प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित की। इसमें स्थिति स्पष्ट की और स्मा
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कंपनी के अधिकारियों ने बताया कि स्मार्ट मीटर पूरी तरह से सुरक्षित और उपभोक्ताओं के हित में हैं। इन मीटरों के माध्यम से उपभोक्ता बिजली की खपत से संबंधित पूरी जानकारी अपने मोबाइल फोन पर प्राप्त कर सकते हैं। इसके लिए उपभोक्ताओं को एक मोबाइल एप्लिकेशन इंस्टॉल करना होगा। इससे उन्हें मीटर रीडिंग, बिजली उपयोग का समय और बिल बढ़ने के कारणों की जानकारी वास्तविक समय में मिलेगी।
अब तक जिले के 390 शासकीय कार्यालयों में स्मार्ट मीटर लगाए जा चुके हैं। इसके अलावा, 350 ऐसे उपभोक्ताओं के यहां भी मीटर लगाए गए हैं, जिनके पास सौर ऊर्जा संयंत्र हैं। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि यह मीटर निशुल्क लगाए जा रहे हैं। जो भ्रांति चल रही है कि मीटर लगने के बाद पैसे लिए जाएंगे, ऐसा कुछ नहीं है।
बिजली कंपनी ने स्मार्ट मीटरों के लाभ गिनाते हुए बताया कि इनसे मासिक रीडिंग और बिलिंग में मानवीय त्रुटियों की गुंजाइश समाप्त हो जाती है। उपभोक्ताओं को बिजली कटौती या किसी अन्य तकनीकी समस्या की जानकारी और समाधान शीघ्रता से मिल जाता है। इसके अलावा, परिसर की आंतरिक वायरिंग में खराबी की पहचान भी आसान हो जाती है।
प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया गया कि प्रीपेड स्मार्ट मीटर से उपभोक्ताओं को 0.5 प्रतिशत की बिल भुगतान छूट मिलती है। यह घरेलू श्रेणी में बिना किसी सीमा के लागू होती है। साथ ही, घरेलू और व्यावसायिक उपयोगकर्ताओं को 25 पैसे प्रति यूनिट की अतिरिक्त छूट भी प्राप्त होती है।
बिजली कंपनी ने अपील की है कि लोग भ्रामक अफवाहों से दूर रहें और तकनीकी नवाचारों को अपनाएं। इससे पारदर्शिता और सेवा की गुणवत्ता में सुधार हो सकेगा।