जुलाई में ज्यादा बारिश मानसून, अगस्त में ऐसी ही उम्मीद: एमपी में 28 इंच पानी गिरा; ग्वालियर समेत 10 जिलों में कोटा पूरा – Bhopal News

जुलाई में ज्यादा बारिश मानसून, अगस्त में ऐसी ही उम्मीद:  एमपी में 28 इंच पानी गिरा; ग्वालियर समेत 10 जिलों में कोटा पूरा – Bhopal News


जुलाई महीने में प्रदेश के कई जिलों में इतनी बारिश हुई कि सड़कें तालाब बन गईं। तस्वीर राजधानी भोपाल की है। सड़क पर भरे पानी के बीच से गुजरतीं कारें।

मध्यप्रदेश में इस मानसूनी सीजन (1 जून से अब तक) में एवरेज 28 इंच बारिश हो चुकी है, जो ओवरऑल 59% ज्यादा है। ग्वालियर समेत 10 जिलों में बारिश का कोटा पूरा हो चुका है। जुलाई में एवरेज साढ़े 12 इंच के मुकाबले 21 इंच पानी गिर चुका है। सावन की ऐसी झड़ी लगी क

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IMD (मौसम विभाग) की सीनियर वैज्ञानिक डॉ. दिव्या ई. सुरेंद्रन ने बताया, जुलाई में 2 डिप्रेशन एक्टिव रहे। वहीं, मानसून ट्रफ, साइक्लोनिक सकुर्लेशन की एक्टिविटी भी रही। इस वजह से पूर्वी हिस्से के जबलपुर, सागर, रीवा-शहडोल के अलावा भोपाल, नर्मदापुरम, ग्वालियर-चंबल में सामान्य से अधिक बारिश दर्ज की गई। दूसरी ओर, इंदौर-उज्जैन संभाग में कम बारिश दर्ज की गई। इंदौर और बुरहानपुर में सबसे कम बारिश हुई है।

जुलाई महीने में रायसेन, शिवपुरी, गुना, सिवनी, मंडला, श्योपुर समेत कई जिलों में बाढ़ आ गई। भोपाल में भी कई कॉलोनियों में 2 फीट तक पानी भर गया।

अगस्त में ऐसा रहेगा मौसम मौसम वैज्ञानिक डॉ. सुरेंद्रन ने बताया कि अगले एक सप्ताह में कहीं भी भारी बारिश होने की संभावना नहीं है। दूसरे सप्ताह में ग्वालियर-चंबल, रीवा संभाग में ही तेज बारिश हो सकती है।

जानिए, अब तक कितनी हुई बारिश जुलाई में प्रदेश में औसत 21 इंच बारिश हुई, जबकि इस महीने की एवरेज बारिश 12.5 इंच है। यानी, साढ़े 8 इंच बारिश ज्यादा हो गई। पूर्वी हिस्से में 62 प्रतिशत और पश्चिमी हिस्से में 55 प्रतिशत पानी ज्यादा गिरा है। बारिश के ऐसे ही दौर की उम्मीद अगस्त में भी है। मौसम वैज्ञानिकों की माने तो अगस्त में ही 15 से 20 इंच बारिश हो सकती है।

डैमों से छलका पानी, कई के गेट खुले जुलाई में बारिश होने के बाद कई डैम से पानी भी छलक उठा। बरगी, जौहिला, इंदिरा सागर, ओंकारेश्वर समेत अन्य डैम के गेट खुले तो कई में पानी की अच्छी आमद भी हो गई। कुल 54 बड़े डैम में पानी बढ़ा है। भोपाल की लाइफ लाइन बड़ा तालाब ढाई फीट ही खाली है। अगस्त में यदि तेज बारिश का दौर शुरू होता है तो सभी डैम लबालब भर सकते हैं।

लगातार तेज बारिश होने से प्रदेश के 10 से ज्यादा बड़े डैम छलक उठे। जुलाई में पानी का कोटा पूरा होने से डैम से पानी छोड़ा गया।

लगातार तेज बारिश होने से प्रदेश के 10 से ज्यादा बड़े डैम छलक उठे। जुलाई में पानी का कोटा पूरा होने से डैम से पानी छोड़ा गया।

अब जानिए, एमपी के 5 बड़े शहरों में बारिश का रिकॉर्ड…

भोपाल में 2006 में अगस्त में 35 इंच बारिश का रिकॉर्ड भोपाल में अगस्त में मानसून जमकर बरसता है। इस महीने राजधानी में औसत साढ़े 35 इंच तक बारिश हो चुकी है, जो साल 2006 में हुई थी। 24 घंटे में सर्वाधिक बारिश करीब 12 इंच 14 अगस्त 2006 को हुई थी। पिछले सालों की बात करें तो 2015 और 2022 में 30 इंच से ज्यादा पानी गिर चुका है।

भोपाल में इस महीने औसत 14 दिन बारिश होती है। इस दौरान 13 दिन तक पानी गिर जाता है। जुलाई जैसे ही सिस्टम एक्टिव होते हैं।

इंदौर में 1944 में गिरा था 28 इंच पानी इंदौर में अगस्त महीने में औसत 28 इंच बारिश का रिकॉर्ड है, जो साल 1944 में दर्ज किया गया था। 24 घंटे में सबसे ज्यादा बारिश का रिकॉर्ड 22 अगस्त 2020 को बनाया था। इस दिन साढ़े 10 इंच पानी गिरा था। पिछले 10 साल में दो बार 17 इंच से ज्यादा बारिश हो चुकी है।

इंदौर में अगस्त महीने की औसत बारिश 10 से 11 इंच है। महीने में 12 से 13 दिन तक बारिश होती है।

ग्वालियर में 24 घंटे में साढ़े 8 इंच बारिश का रिकॉर्ड ग्वालियर में 24 घंटे में साढ़े 8 इंच बारिश होने का रिकॉर्ड है, जो 10 अगस्त 1927 को बना था। सर्वाधिक मासिक बारिश वर्ष 1916 में 28 इंच हुई थी। इस महीने की औसत बारिश साढ़े 9 इंच है। एवरेज 12 दिन बारिश होती है।

जबलपुर में 102 साल पहले गिरा था 44 इंच पानी जबलपुर में एक महीने में 44 इंच बारिश का रिकॉर्ड है। 102 साल पहले यानी, वर्ष 1923 में अगस्त महीने में बारिश ने रिकॉर्ड तोड़ दिया था। इसी साल 20 अगस्त को 24 घंटे में ही 13 इंच बारिश हुई थी। यहां बादल फटने जैसी स्थिति बनी थी।

जबलपुर में इस महीने की औसत बारिश 18 इंच है। करीब 16 दिन तक पानी गिरता है। पिछले 10 साल की बात करें तो साल 2019 में यहां 30.61 इंच बारिश हुई थी।

उज्जैन में अगस्त में जमकर होती है बारिश उज्जैन में साल 2006 में सर्वाधिक बारिश का रिकॉर्ड बना था। इस साल अगस्त महीने में करीब 35 इंच बारिश हुई थी। इसी साल 24 घंटे में सर्वाधिक 12 इंच बारिश का रिकॉर्ड 10 अगस्त को बना था। उज्जैन में अगस्त की औसत बारिश 10 इंच है। 10 से 11 दिन यहां बारिश होती है।



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