नरसिंहपुर ज़िले में आरआर एग्रो खांडसारी मिल की आड़ में किसानों से डेढ़ करोड़ रुपए की धोखाधड़ी के मामले में 94 दिन बाद पुलिस ने पहली गिरफ़्तारी की है। पुलिस ने छिंदवाड़ा से आरोपी राहुल कुंदन साव को पकड़ा है, लेकिन तीन मुख्य आरोपी अब भी फ़रार हैं।
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क्या है मामला?
गन्ना पेराई सत्र 2024-25 के दौरान बड़गुवां-नयागांव में आरआर एग्रो खांडसारी इंडस्ट्रीज के नाम पर चलाई जा रही एक फ़र्ज़ी चतुर्भुज कंपनी ने दर्जनों किसानों से गन्ना ख़रीदा था, लेकिन उसका भुगतान नहीं किया। थक-हारकर किसानों ने 28 अप्रैल को ठेमी थाने में चार आरोपियों के ख़िलाफ़ एफ़आईआर दर्ज कराई थी। ठेमी थाना प्रभारी प्रीति मिश्रा के मुताबिक़, आरोपी राहुल कुंदन साव को कई नोटिस भेजने के बावजूद वह हाज़िर नहीं हुआ, जिसके बाद एक विशेष टीम ने उसे छिंदवाड़ा से गिरफ़्तार किया। पूछताछ में सहयोग न करने पर उसे रिमांड पर लिया गया है।
पुलिस की कार्रवाई पर उठे सवाल
इस मामले के बाकी तीन आरोपी प्रतीक पुरी, कुलदीप पटेल और मनोज गोस्वामी अब भी पुलिस की गिरफ़्त से बाहर हैं। किसानों का आरोप है कि ये आरोपी खुलेआम घूम रहे हैं। पुलिस उन्हें पकड़ने की बजाय सिर्फ़ नोटिस भेज रही है।
आरोपियों के परिवार शिकायत वापस लेने बना रहे दबाव
कुछ किसानों ने यह भी दावा किया है कि आरोपी कुलदीप पटेल तीन दिन से पुलिस के संपर्क में है। फिर भी उसकी गिरफ़्तारी नहीं हुई। किसानों का आरोप है कि आरोपियों के परिवार वाले उन पर शिकायत वापस लेने का दबाव बना रहे हैं। इस मामले में कुछ स्थानीय नेताओं के भी आरोपियों का साथ देने की बात सामने आई है। इस पूरी घटना ने पुलिस और प्रशासन की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।