बिजली के झटके: शहर के नए व पुराने कई इलाकों में रोज हो रही परेशानी – Bhopal News

बिजली के झटके:  शहर के नए व पुराने कई इलाकों में रोज हो रही परेशानी – Bhopal News


भोपाल में ऐसे 50 से ज्यादा फीडर्स हैं जिन पर महीने में औसतन कम से कम 15 ट्रिपिंग हो रही हैं। एक फीडर से 1600 कनेक्शन होते हैं, यानी इन फीडरों से जुड़े 80 हजार घरों में महीने के आधे िदन िबजली आती-जाती रहती है। जाटखेड़ी, होशंगाबाद रोड का एरिया में करीब

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जाटखेड़ी फीडर से महीने भर में करीब 52 बार बिजली गुल यानी ट्रिपिंग होती है। आदमपुर और कोलार के किडजी फीडर पर भी औसतन 48 ट्रिपिंग होती हैं। अचानक बिजली गुल होने से यहां के रहवासी परेशान हैं। ऊर्जा मंत्री ने शनिवार को बैठक में इस बड़ी खामी को लेकर बिजली कंपनी के अफसरों पर नाराजगी जताई थी।

इन फीडरों के इलाकों में ज्यादा समस्या जाटखेड़ी, मिसरोद, होशंगाबाद रोड पर शनि मंदिर से सटा इलाका, गणेश नगर, ज्योति नगर, केंद्रीय विद्यालय क्रमांक 3 के आसपास का एरिया, मिसरोद, सहारा कॉलोनी, कोलार का बैरागढ़ चीचली, मालाखेड़ी, कोकता, आनंद नगर, शाहजहांनाबाद, तलैया।

बिजली कंपनी के अफसरों पर मंत्री जता चुके नाराजगी

ट्रिपिंग की ये हैं मुख्य वजहें

  • फीडर्स से खेतों की लाइन जुड़ी है। पक्षी तार पर बैठता है तो शॉर्ट सर्किट होता है।
  • जाटखेड़ी इलाके में 600 से ज्यादा हाई वोल्टेज ट्रांसफार्मर लगे हैं। डीओ या फ्यूज बांधने हो तो सप्लाई बंद करनी पड़ती है।
  • पतंग या धागा फंस जाता है तो इंसुलेटर पंक्चर हो जाता है। इससे ट्रिपिंग हो जाती है।
  • घर में केबल शॉर्ट हुई और ट्रांसफार्मर की एमसी ट्रिप नहीं हुई तो डीओ उड़ जाता है।
  • तेज हवा के कारण तार आपस में टकराने और पेड़ की टहनी लाइन से टकराने पर अर्थ फॉल्ट बनने से भी ट्रिपिंग होती है।

अगर अफसरों ने लापरवाही की तो जूनियर को दे देंगे प्रभार अधिकारियों को सख्त हिदायत दी गई है कि मेंटेनेंस के बाद भी ट्रिपिंग होने पर संबंधित इंजीनियर की जिम्मेदारी तय की जाए। निरीक्षण की टीप विद्युत रजिस्टर में अंकित की जाए। मुख्य अभियंता और अधीक्षण यंत्री भी यदि लापरवाही करेंगे, तो उनके विरुद्ध कार्रवाई जाएगी। साथ ही उनके जूनियर को उनका प्रभार दे दिया जाएगा। -प्रद्युम्न सिंह तोमर, ऊर्जा मंत्री



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