Last Updated:
Mohammed Siraj Statement: सिराज ने आखिरी दिन मैच का पासा पलट दिया. उन्होंने पांचवें दिन इंग्लैंड का आखिरी विकेट लेकर भारत को 6 रन से रोमांचक जीत दिलाई. इस जीत से भारत ने 5 मैचों की टेस्ट सीरीज 2-2 से बराबर कर ल…और पढ़ें
हाइलाइट्स
- सिराज ने आखिरी टेस्ट मैच में कुल 9 विकेट चटकाए
- मोहम्मद सिराज को प्लेयर ऑफ द मैच चुना गया
- सिराज ने सीरीज बराबर करने के बाद भरी हुंकार
नई दिल्ली. मोहम्मद सिराज ने पांचवें टेस्ट के आखिरी दिन भारत को 6 रन से रोमांचक जीत दिला दी. सिराज ने 14 जुलाई को लॉर्ड्स मैदान पर लाचार होकर शोएब बशीर की एक गेंद को अपने स्टंप्स से टकराते हुए देखा. वह काफी देर तक ऐसे झुके रहे मानो समय उनके लिए रुक गया हो. आमतौर पर खुशमिजाज रहने वाले यह खिलाड़ी शायद रवींद्र जडेजा के शानदार संघर्ष के बेकार जाने और इंग्लैंड के बढ़त बनाने से हताश था. सिराज के अंदर का ‘योद्धा’ एक बेहतर अंत का हकदार था और चार अगस्त को एक बार गेंद के स्टंप्स से टकराने की जानी-पहचानी आवाज आई लेकिन इस बार इस भारतीय गेंदबाज से विकेट चटकाकर भारत को सीरीज में 2-2 से बराबरी दिलाई.
इससे कोई फर्क नहीं पड़ता कि वह अब तक खेले गए अपने 41 लाल गेंद वाले मुकाबलों में कितने और टेस्ट मैच जोड़ेंगे. सिराज ने कहा, ‘मैं सुबह उठा और अपने फोन पर गूगल चेक किया और ‘बिलीव’ इमोजी वाला वॉलपेपर निकाला और खुद से कहा कि मैं यह देश के लिए करूंगा.’ बाद में उन्होंने वह वॉलपेपर मीडिया को दिखाया. उस पर क्रिस्टियानो रोनाल्डो और एक शब्द ‘बिलीव’ था जो उनकी प्रेरणा बन गया. सिराज के शब्दकोष में असंभव शब्द नहीं है और उन्हें हमेशा से यकीन था कि वह आखिरी टेस्ट में किसी भी स्थिति से भारत को जीत दिला सकते हैं.
‘मुझे हमेशा से यकीन था कि…’
चौथे दिन रविवार को शतक जमाने वाले हैरी ब्रूक का 19 के स्कोर पर कैच छोड़ने के बारे में पूछे जाने पर उन्होंने कहा ,‘जब मैंने गेंद लपकी तो लगा नहीं था कि सीमारेखा को छू लूंगा. यह मैच पलटने वाला पल था. ब्रूक टी20 अंदाज में बल्लेबाजी कर रहा था. हम मैच में पीछे थे लेकिन अल्लाह का शुक्र है. मुझे लगा था कि मैच हाथ से निकल गया.’ ऐसे समय में जब काम के बोझ का प्रबंधन चर्चा का विषय है तब सिराज ने एक नया मानक स्थापित किया है.
सिराज ने कहा, ‘मैंने इसके लिए बहुत मेहनत की है. अगर आप 1.4 अरब लोगों में से 11 खिलाड़ियों का हिस्सा हैं तो आपको खेल के प्रति ईमानदार होना चाहिए और उस पर काम करना चाहिए. विश्वास ज़रूरी है.’ सिराज का अब मशहूर हुआ एक वाक्य ‘मुझे जस्सी भाई (जसप्रीत बुमराह) पर पूरा भरोसा है, वह खेल बदलने वाले गेंदबाज हैं.’ एक स्थायी मीम बन गया है जो बुमराह की प्रतिभा को मासूमियत से दर्शाता है.
करीब 15 साल से पत्रकारिता में सक्रिय. दिल्ली यूनिवर्सिटी से पढ़ाई. खेलों में खासकर क्रिकेट, बैडमिंटन, बॉक्सिंग और कुश्ती में दिलचस्पी. IPL, कॉमनवेल्थ गेम्स और प्रो रेसलिंग लीग इवेंट्स कवर किए हैं. फरवरी 2022 से…और पढ़ें
करीब 15 साल से पत्रकारिता में सक्रिय. दिल्ली यूनिवर्सिटी से पढ़ाई. खेलों में खासकर क्रिकेट, बैडमिंटन, बॉक्सिंग और कुश्ती में दिलचस्पी. IPL, कॉमनवेल्थ गेम्स और प्रो रेसलिंग लीग इवेंट्स कवर किए हैं. फरवरी 2022 से… और पढ़ें