शाजापुर में अखिल भारतीय गुर्जर देवसेना संस्था ने नगरपालिका अध्यक्ष को ज्ञापन सौंपकर एक चौराहे का नामकरण त्याग की प्रतिमूर्ति गुर्जरी मां पन्नाधाय के नाम पर करने की मांग की है।
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संस्था के पदाधिकारियों ने कहा कि गुर्जर समाज के महापुरुषों ने राष्ट्रीय हित में देश के लिए लड़ाइयां लड़ीं। उन्होंने अपना बलिदान दिया। मुगलों और अंग्रेजों से राष्ट्र के लिए संघर्ष किया। हजारों सालों तक देश पर राज भी किया।
गुर्जर महापुरुषों के इतिहास को छुपाया गया
संस्था का आरोप है कि गुर्जर महापुरुषों के इतिहास को छुपा दिया गया है। न तो उनके नाम से कहीं चौराहे का नामकरण किया गया। न ही उनकी प्रतिमाएं स्थापित की गईं।
देवसेना के पदाधिकारियों ने कहा कि जब-जब देश को जरूरत पड़ी, गुर्जर समाज राष्ट्रहित में हमेशा खड़ा रहा। लेकिन फिर भी शासन-प्रशासन और राजनीतिक दलों समाज की अवहेलना करते हैं।
पन्नाधाय के नाम से चौराहे का नामकरण हो
संस्था ने मांग की है कि पन्नाधाय के नाम से चौराहे का नामकरण किया जाए। पन्नाधाय त्याग और बलिदान की प्रतिमूर्ति थीं। उन्होंने अपने पुत्र का बलिदान देकर एक राजा के पुत्र को बचाया था। संस्था ने चेतावनी दी है कि अगर चौराहे का नामकरण नहीं किया गया तो वे उग्र आंदोलन करेंगे।
आवेदन देने से पहले गुर्जर समाज ने शाजापुर में रैली निकाली।
सीएमओ को सौंपा ज्ञापन
राष्ट्रीय प्रमुख देव सेना अध्यक्ष अमर बिरला ने कहा कि शाजापुर में लंबे समय से वे गुर्जर समाज के महापुरुषों की प्रतिमा स्थापना और चौराहा नामकरण के लिए निवेदन कर रहे हैं। उन्होंने नगर पालिका अध्यक्ष प्रेम जैन से चर्चा कर मुख्य नगर पालिका अधिकारी को ज्ञापन सौंपा है।
उनका कहना है कि त्याग की प्रतिमूर्ति मां पन्नाधाय की प्रतिमा स्थापित कर चौराहे का नामकरण उनके नाम से किया जाए। यह गुर्जर समाज के साथ-साथ महिलाओं के लिए भी एक सम्मान होगा।
कार्यक्रम में देवसेना के राष्ट्रीय प्रमुख महासचिव अमरचंद्र बिरला, राजकुमार कराड़ा, प्रदेश अध्यक्ष भानु प्रताप सिंह गुर्जर, युवा प्रदेश अध्यक्ष डॉ. जीवन सिंह गुर्जर समेत कई पदाधिकारी मौजूद थे। यह जानकारी जिला मीडिया प्रभारी मोहित गुर्जर ने दी।