बीआरटीएस पर बुधवार शाम फिर जाम लग गया। रसोमा चौराहे पर पौन घंटे तक वाहन फंसे रहे। जाम का असर विजय नगर चौराहे से पलासिया तक रहा। रसोमा से एलआईजी तक करीब ढाई किमी का सफर आधे घंटे में पूरा हो सका। चौराहे पर सिग्नल फेल होने से स्थिति और बिगड़ गई।
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भास्कर एक्सपर्ट – प्रफुल्ल जोशी, ट्रैफिक विशेषज्ञ
रसोमा शहर का बड़ा व व्यस्त चौराहा है। यहां सड़क व चौराहे की इंजीनियरिंग गड़बड़ है। बीआरटीएस के कारण भी चौराहे का ट्रैफिक गड़बड़ाता है। चौराहे के सिग्नल का मैनेजमेंट यहां के ट्रैफिक दबाव के आधार पर अपडेट करने की जरूरत है।
जाम की 5 बड़ी वजह
1. बीआरटीएस खाली। कॉमन लेन में वाहनों का दबाव। कोर्ट के आदेश के पांच महीने बाद भी नगर निगम बीआरटीएस की रैलिंग नहीं हटा सका है। बस लेन तो पूरी तरह खाली रहती है, लेकिन कॉमन लेन में वाहनों का दबाव बढ़ने से हर चौराहे पर स्थिति बिगड़ जाती है। रसोमा पर भी हर दिन शाम को जाम की एक बड़ी वजह यह है। 2. इस चौराहे पर पीक ऑवर्स में गुजरने वाले ट्रैफिक की क्षमता के अनुरूप सिग्नल सिस्टम सेट नहीं है। 3. बीआरटीएस पर बॉटल नैक बनता है। इससे भी जाम लगता है। 4. सर्विस रोड व फुटपाथ पर गलत तरीके से वाहनों की पार्किंग होती है। शोरूम, मॉल्स के बाहर वाहन सर्विस रोड को पूरी तरह घेर लेते हैं। 5. चौराहे पर किसी भी तरह की रोड मार्किंग व लेन मार्किंग नहीं है।