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बिरियाखेड़ी क्षेत्र निवासी 13 साल की अंगूरी की आर्थिक स्थिति ठीक नहीं होने से वह सब्जी बेचने का काम करती है। शासकीय कन्या महाविद्यालय में कार्यरत अतिथि विद्वान डॉ. सुनीता जैन ने उससे सब्जी खरीदी थी। पूछताछ में पता चला कि वह पढ़ना चाहती है लेकिन आर्थिक स्थिति ठीक नहीं होने के कारण पढ़ नहीं पा रही है। इस पर डॉ. जैन ने परिवार के सदस्यों को समझाइश दी और क्षेत्र के लोगों ने भी डॉ. जैन की मदद की। इसके बाद उन्होंने कलेक्टर को ई-मेल किया।
कलेक्टर राजेश बाथम ने तत्परता दिखाते हुए संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए। अधिकारियों ने अंगूरी के परिवार की काउंसिलिंग की और उसका शासकीय विद्यालय में प्रवेश हो गया। अब अंगूरी स्कूल जा सकेगी और अन्य बच्चों की तरह पढ़ सकेगी।