बारिश कम होने से कपास- सोयाबीन की फसलें खराब: खरगोन में 16 दिन से नहीं हुई बारिश, औसत कोटे से 64 प्रतिशत कम, 32 डिग्री पहुंचा तापमान – Khargone News

बारिश कम होने से कपास- सोयाबीन की फसलें खराब:  खरगोन में 16 दिन से नहीं हुई बारिश, औसत कोटे से 64 प्रतिशत कम, 32 डिग्री पहुंचा तापमान – Khargone News



खरगोन में पिछले 16 दिनों से तेज बारिश नहीं हुई है। इस साल अब तक 14.8 इंच बारिश हुई है, जो पिछले साल की 20.2 इंच की तुलना में काफी कम है। यह जिले की औसत बारिश 32.6 इंच से लगभग 36प्रतिशत है। यानी 64 प्रतिशत कम बारिश हुई। बढ़ते तापमान और पानी न मिलने से

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सोयाबीन और कपास में लगी बीमारी

मानसून का आधे से ज्यादा समय बीत चुका है और बारिश न होने से किसानों को सूखे का भय सता रहा है। तापमान 32 डिग्री पर पहुंच गया है, जिससे दोपहर के समय फसलें मुरझा रही हैं। सोयाबीन में सफेद मक्खी और कपास में माहू तेलिया की बीमारी फैल रही है।

अगले एक हफ्ते तक बारिश के आसार नहीं

पर्याप्त बारिश न होने से जल स्रोत भी खाली हो गए हैं। किसान सिंचाई भी नहीं कर पा रहे हैं। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, प्रदेश के पश्चिम क्षेत्र में अगले एक सप्ताह तक तेज बारिश के आसार नहीं हैं। केवल स्थानीय सिस्टम से खंड बारिश की संभावना है।

किसान संघ प्रतिनिधि श्यामसिंह पवार के अनुसार, जिले के भीकनगांव क्षेत्र में पर्याप्त पानी नहीं गिरा है। फसलों पर बीमारियों का प्रकोप बढ़ रहा है। जलस्रोत खाली होने से सिंचाई भी संभव नहीं है। उन्होंने कहा कि सूखे जैसी स्थिति बन रही है और प्रशासन को इसकी रिपोर्ट भेजनी चाहिए।

अबतक जिले में 11 इंच बारिश हुई, औसत से 64 फीसदी कम

खरगोन जिले में अब तक 11.8 इंच बारिश हुई है, जो औसत से 20.8 इंच कम है। बारिश के चार महीनों में से 58 दिन बीत चुके हैं। इस दौरान सालभर की औसत की मात्र 36.2 प्रतिशत बारिश ही हुई है।

बारिश सिस्टम एक्टिव न होने से तापमान लगातार बढ़ रहा है। गुरुवार को 32 डिग्री, बुधवार को 31.6, मंगलवार को 31.4, सोमवार को 31.0, रविवार को 30.2 और शनिवार को 29.9 डिग्री तापमान दर्ज किया गया। यह तेज गर्मी न केवल फसलों बल्कि लोगों के स्वास्थ्य पर भी प्रतिकूल प्रभाव डाल रही है।



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