खास बात ये कि इसका आमंत्रण लेकर डाकघर के अधिकारी खुद जिज्ञासा के घर लेकर पहुंचे. अधिकारियों ने जिज्ञासा को दिल्ली से आया कोरियर दिया. जिज्ञासा ने जैसे ही कोरियर खोला, वैसे ही पूरे घर में खुशियों की लहर दौड़ पड़ी. क्योंकि, कोरियर में राष्ट्रपति द्रोपति मुर्मू ने जिज्ञासा को स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर विशेष आमंत्रण का न्योता दिया था.
इस दौरान जिज्ञासा ने लोकल 18 से बातचीत करते हुए बताया, यह पल किसी सपने से कम नहीं है, यकीन ही नहीं हो रहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी से मिलने के कुछ महीने बाद ही राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से मिलने का मौका मिलेगा. स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर राष्ट्रपति के साथ भोजन करने का भी मौका मिलेगा. यह मेरी और परिवार के लिए ही नहीं बल्कि संस्कारधानी जबलपुर और मध्यप्रदेश के लिए गौरव की बात है.
एक प्रतियोगिता ने करा दी PM से मुलाकात
आगे बताया, कुछ महीने पहले कॉलेज की तरफ से भारत सरकार की प्रतियोगिता में हिस्सा लिया था. इस प्रतियोगिता में भारत के 30 लाख बच्चों ने हिस्सा लिया था. इस दौरान ऑनलाइन क्विज से लेकर निबंध की प्रतियोगिता थी, जिसका आखिरी चरण इंटरव्यू था. जिसके लिए चयन हुआ था. हर विषय में भाषण देने के लिए प्रदेश से तीन-तीन बच्चों का सेलेक्शन किया गया था. उन्हें भारत मंडपम, दिल्ली बुलाया गया था. दिल्ली में भी करीब 80 से 90 बच्चों के बीच प्रतियोगिता थी, जहां टॉप 20 बच्चों में चयन हुआ था.
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सामने बोलने का अवसर मिला. इस दौरान भारत वैश्विक विनिर्माण केंद्र बनने की ओर विषय पर पीएम मोदी के सामने स्पीच दी थी. इसके बाद पीएम मोदी के साथ भोज करने का भी मौका मिला था. जिज्ञासा ने बताया, अभी तक सिर्फ पीएम मोदी को टीवी में ही देखा था, लेकिन सामने से देखकर मन प्रफुल्लित हो गया था.
PM के बारे में जिज्ञासा ने बताई यह बात..
पीएम मोदी की अलग आभा थी, अलग एक्सप्रेशन था, चेहरे में अलग ग्लो था. जिज्ञासा ने कहा, आमंत्रण मिलने की काफी खुशी हो रही है. इसका श्रेय माता-पिता और गुरुजन को जाता है. फिलहाल, जिज्ञासा यूपीएससी एग्जाम की तैयारी कर रही हैं. जिज्ञासा का सपना बड़े होकर देश और समाज की सेवा करना है. उन्होंने बताया कि दिल्ली तक के सफर की सारी व्यवस्था राष्ट्रपति ऑफिस से की गई है.