रेडीमेड को मात! दसवीं फेल टेलर की इतनी धाक कि 2 महीने पहले देने पड़ते हैं कपड़े

रेडीमेड को मात! दसवीं फेल टेलर की इतनी धाक कि 2 महीने पहले देने पड़ते हैं कपड़े


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Burhanpur Famous Ladies Tailor: बुरहानपुर के दसवीं फेल टेलर राजेंद्र पवार की सिलाई कला ऐसी कि लोग कपड़े सिलवाने के लिए दो महीने पहले बुकिंग कराते हैं. उनकी डिजाइनिंग रेडीमेड मार्केट को भी मात देती है.

मोहन ढाकले, बुरहानपुर: आज के दौर में रेडीमेड कपड़ों की भरमार है. मॉल, मार्केट और ऑनलाइन हर जगह एक से बढ़कर एक कपड़े मिल जाते हैं. लेकिन बुरहानपुर में एक टेलर ऐसे भी हैं, जिनकी कलाकारी के आगे रेडीमेड भी फीके पड़ जाते हैं. और हैरानी की बात ये कि ये टेलर पढ़ाई में सिर्फ दसवीं तक ही पहुंचे हैं.

बुरहानपुर के इतवारा इलाके में रहने वाले राजेंद्र पवार का सिलाई का शौक बचपन से ही था. स्कूल में पढ़ाई के साथ-साथ वे अपने पिता नवनीत लाल पवार की दुकान पर बैठते और धीरे-धीरे ये हुनर सीखते गए. 1965 में उनके पिता ने “पवार टेलर्स” नाम से दुकान शुरू की, और तभी से ये सिलाई-कटिंग का काम लगातार चला आ रहा है.

राजेंद्र पवार बताते हैं कि मैं 1 घंटे में एक डिजाइनर ब्लाउज तैयार कर देता हूं. अनारकली ब्लाउज मेरी खास पहचान है. इसे बनाने में काफी बारीकी और समय लगता है, लेकिन मैं इसे जल्दी और बेहतरीन फिटिंग के साथ तैयार कर देता हूं.

वे सिर्फ सिलाई ही नहीं करते, बल्कि अपने हुनर को आगे भी बढ़ा रहे हैं. अब तक वे 10 बच्चों को मुफ्त में टेलरिंग सिखा चुके हैं, जिनमें से कई आज अपना खुद का काम कर रहे हैं.

उनके हाथों के बनाए कपड़े सिर्फ बुरहानपुर में ही नहीं, बल्कि आस-पास के जिलों में भी मशहूर हैं. 200 में एक डिजाइनर ब्लाउज सिलने की उनकी दर सुनकर भले ही लोग चौंक जाएं, लेकिन जो फिटिंग और फिनिशिंग वे देते हैं, वो मशीन से बने रेडीमेड कपड़ों में भी नहीं मिलती.

2 महीने पहले देनी पड़ती है बुकिंग

राजेंद्र पवार की डिमांड इतनी है कि लोग शादी-ब्याह या खास मौके के लिए दो महीने पहले कच्चा कपड़ा दे देते हैं. इसके बाद तय तारीख पर कपड़े तैयार मिलते हैं. उनकी मानें तो आज भी लोग सिलवाए हुए कपड़े इसलिए पसंद करते हैं क्योंकि वो शरीर के मुताबिक फिट होते हैं और डिजाइन भी मन मुताबिक मिलती है. रेडीमेड मार्केट के बीच उनका यह हुनर एक मिसाल है. तकनीक और फैक्ट्री प्रोडक्शन के इस दौर में भी हाथ से बने कपड़ों का आकर्षण कम नहीं हुआ है.

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रेडीमेड को मात! दसवीं फेल टेलर की इतनी धाक कि 2 महीने पहले देने पड़ते कपड़े



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