गैंगरेप-मर्डर: बेटा बना सरकारी गवाह, पिता के खिलाफ दिया बयान: आरोपी हरिराम का कबूलनामा, प्रायवेट पार्ट में हाथ डालने से बाहर आई थी आंतें – Khandwa News

गैंगरेप-मर्डर: बेटा बना सरकारी गवाह, पिता के खिलाफ दिया बयान:  आरोपी हरिराम का कबूलनामा, प्रायवेट पार्ट में हाथ डालने से बाहर आई थी आंतें – Khandwa News


खंडवा जिले में एक आदिवासी महिला के साथ हुए जघन्य गैंगरेप और हत्या के मामले में 11 अगस्त से न्यायिक कार्यवाही शुरू हो गई है। यह मामला खालवा थाना क्षेत्र का है, जहां 24 मई 2025 को एक महिला के साथ दो युवकों ने शराब के नशे में दरिंदगी की सारी हदें पार कर

.

पुलिस ने 24 घंटे के भीतर दोनों आरोपियों हरिराम और सुनील को गिरफ्तार कर लिया। दो महीने की जांच के बाद पुलिस ने कोर्ट में 94 पेज का विस्तृत चालान पेश किया है। इस मामले में 32 गवाहों के बयान दर्ज किए गए हैं, जिनमें मुख्य आरोपी का बेटा भी सरकारी गवाह के रूप में शामिल है।

पुलिस की जांच में चार अहम सबूत सामने आए हैं – घटनास्थल का सीसीटीवी फुटेज, प्रत्यक्षदर्शियों के बयान, खून से सनी खटिया और गोदड़ी, तथा डीएनए और फॉरेंसिक रिपोर्ट। आरोपियों के बयानों में विरोधाभास है, जहां एक आरोपी ने सहमति से संबंध बनाने की बात कही है, वहीं मृतिका की बहू के अनुसार, पीड़िता ने मरने से पहले दोनों आरोपियों द्वारा बलात्कार की बात कही थी।

इस मामले ने राजनीतिक रंग भी लिया, जिसमें कांग्रेस ने सरकार को कटघरे में खड़ा किया। राहुल गांधी ने पीड़िता के परिजनों से बात की और पार्टी ने एक विशेष जांच दल का गठन किया। अब न्यायालय में चल रही सुनवाई से यह उम्मीद की जा रही है कि पीड़िता को जल्द न्याय मिलेगा।

केस से जुड़े ये चार अहम सबूत

  • पहला सबूत – सीसीटीवी फुटेज: घटनास्थल के पास स्थित संजय जायसवाल की किराना दुकान के कैमरों में पीड़िता के साथ सुनील और हरि नजर आए। पुलिस ने डीवीआर से सारे साक्ष्य एक पेनड्राइव में संरक्षित कर लिए हैं।
  • दूसरा सबूत – 32 प्रत्यक्षदर्शियों के बयान: इनमें आरोपी हरि की मां और उसका बेटा, मृतिका के बेटे-बहू, खेत गए रिश्तेदार, पड़ोसी, दुकान संचालक, मौके पर पहुंचे पुलिसकर्मी और पोस्टमार्टम करने वाले डॉक्टर शामिल हैं।
  • तीसरा सबूत – खटिया और खून लगी गोदड़ी: वारदात में इस्तेमाल हुई खटिया और खून लगी गोदड़ी। पुलिस ने खटिया की नवाड़, खून के थक्कों वाली गोदड़ी और बाड़े की मिट्टी के सैंपल जब्त किए हैं।
  • चौथा सबूत – डीएनए और फॉरेंसिक रिपोर्ट: इसमें मृतिका और आरोपियों के कपड़े, बाल, और नाखून के सैंपल शामिल हैं, जो वैज्ञानिक जांच के लिए भेजे गए हैं।
वारदात के बाद दोनों आरोपियों को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया था।

वारदात के बाद दोनों आरोपियों को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया था।

पहले पढ़िए, आरोपी सुनील और हरि ने क्या कहा…

आरोपी हरिराम ने महिला के साथ संबंध बनाने का जिक्र किया है। हरिराम ने अपने बयानों में कहा, उस दिन 24 मई को शादी का दिन था। मैं, पीड़िता और मेरा दोस्त सुनील शादी कार्यक्रम से लाैटे और मेरे घर पर तीनों ने साथ में बैठकर महुआ शराब का सेवन किया। उसके बाद सुनील वहां से चला गया। मैंने महिला के साथ आपसी सहमति से संबंध बनाए।

हरिराम ने आगे कहा कि मृतिका के कहने पर उसने प्रायवेट पार्ट में हाथ डाला। कुछ देर बाद आंते बाहर आती देख उसे वापस डालने का प्रयास किया। मृतिका की हालत ज्यादा बिगड़ने लगी तो मैंने उसे घर के बाहर छोड़ दिया। फिर मैंने खटिया और खून से लथपथ गोदड़ी को घर के अंदर छुपा दिया। इधर, आरोपी सुनील ने अपने बयान में कहा कि हम लोग हरिराम के घर के बाहर खटिया पर बैठकर शराब पी रहे थे। करीब आधे घंटे बाद हरिराम की मां चिल्लाने लगी। इसके बाद मैं वहां से उठकर अपने घर चला गया था।

बतौर प्रत्यक्षदर्शी आरोपी के बेटे को बनाया सरकारी गवाह

आरोपी हरिराम के बेटे ने कोर्ट के समक्ष बयान दर्ज कराए हैं। उसने बताया कि 23 मई की रात 9 बजे मेरे घर के आंगन में बैठकर पीड़िता, मेरे पिता हरिराम और सुनील साथ बैठकर शराब पी रहे थे। मेरी दादी उन्हें भगा रही थी। सुनील अपने घर चला गया था। मेरे पिता हरिराम और पीड़िता बैठे हुए थे। इसके बाद मैं सोने चले गया लेकिन थोड़ी देर बाद 10 बजे मुझे फोन आया तो मैं गांव में हाे रही शादी में चला गया। उस समय पीड़िता और पिता हरिराम बैठे हुए थे।

कुछ देर बाद शादी से वापस घर आया तो मेरे पिता ने मुझे इशारा करके पीछे की ओर रसोई में बुलाया। जहां पीड़िता खून से लथपथ होकर बेहोश पड़ी हुई थी। मेरे पिता ने यह बात किसी ओर से बताने के लिए मना किया। मेरे पिता ने पीड़िता को वहां से उठाकर बाड़े तरफ किया। सुबह मेरी दादी लौटा लेकर खेत तरफ जा रही थी, तब पीड़िता को बाड़े में बेहोश पड़ा देखा। लेकिन उसके पास नहीं गई।

खेत से वापस लौटी तो देखा कि पीड़िता घर की रसोई में पड़ी हुई हैं। पीड़िता ने मेरी दादी से कहा कि कल की घटना को लेकर मेरे घर में किसी को मत बताना। मैं और मेरी दादी पीड़िता के घर गए और उसके बेटे को बुलाकर लाए। फिर पीड़िता का बेटा उसे अपने घर ले गया।

खंडवा का खालवा पुलिस थाना, जहां पूरा मामला घटित हुआ।

खंडवा का खालवा पुलिस थाना, जहां पूरा मामला घटित हुआ।

मृतिका की बहू ने सुनाई मौत वाले दिन की दास्तां

मृतिका की बहू के मुताबिक, घटना वाले दिन सुबह के समय मेरी सास और पूरा परिवार गांव में एक शादी कार्यक्रम में गया। शाम 7 बजे हम लोग वहां से वापस घर लौट आए। इस दौरान मेरी सास कुछ रिश्तेदारों को खेत तक छोड़ने के लिए चली गई। फिर उसके बाद मेरी सास वापस घर नहीं आई। हम लोग ढूढ़ने नहीं गए, क्योंकि हमने सोचा कि सास उसी रिश्तेदार के घर सो गई होगी।

अगले दिन सुबह पता चला कि हरि (आरोपी) की मां हमारे घर आई और बताया कि तुम्हारी सास हमारे घर के पास पड़ी हुई है। फिर मेरे पति और देवर वहां गए, देखा कि मेरी सास बेहोशी की हालत में खून से लथपथ पड़ी हुई हैं। मेरे पति और देवर सास को उठाकर घर ले आए।

मैंने सास को लिटाकर पानी पिलाया और फिर देखा कि उन्हें ब्लीडिंग हो रही थी। आंते बाहर निकली हुई थी, गुप्तांग से खून निकल रहा था। यह देखकर हम लोग घबरा गए। मैंने मेरी सास से पूछा तो उन्होंने बताया कि वह रिश्तेदार को खेत पर छोड़कर आ रही थी, तब हरि उसके घर के बाहर खड़ा था। वह मुझे घर के भीतर ले गया। उसने सुनील के साथ मिलकर मेरा बलात्कार किया है।

पुलिस के 5 सवालों पर फॉरेंसिंक एक्सपर्ट डॉ.सीमा सूटे ने दिए जवाब

  • सवाल 1 – आरोपी हरिराम ने पीड़िता को अत्यधिक मात्रा में शराब का सेवन कराया। क्या रेप के दौरान पीड़िता विरोध करने में समर्थ थी?
  • जवाब – पीड़िता के बारे में कहना असंभव है, लेकिन किसी भी व्यक्ति को शराब का अधिक मात्रा में सेवन कराए जाने के बाद अगर वे नशे में अर्द्धचेतन हो तो बलपूर्वक क्रिया का प्रतिरोध करने में असमर्थ हो सकती है।
  • सवाल 2- यदि नशे की अवस्था में आरोपी ने अपने बड़े व नुकीले नाखूनों वाले हाथ को पीड़िता की योनि में बलपूर्वक डाला हो तो क्या उससे गहरा कटाव संभव है?
  • जवाब – नशे की अवस्था में व्यक्ति अगर नाखूनों का बलपूर्वक इस्तेमाल करे व महिला की उम्र अधिक होकर, पहले से दो से अधिक प्रसूतायां हो व किसी अन्य कारणवश पेट की मांसपेशीयां कमजोर हुई हो, तो ऐसा पाया गया है कि कमजोरी के कारण कटाव संभव है।
  • सवाल 3- यदि उक्त चोट के बाद पीड़िता रात भर बैचेनी में उठती बैठती रही हो और शारीरिक हलचल में कारण पेट पर दबाव में वृद्धि होती रही हो तो क्या संभव है कि आंते धीरे-धीरे बाहर आने लगे?
  • जवाब- जख्म से अंतड़ीयो का बाहर आना चालू हो चुका हो, ऐसी परिस्थिति में पेट पर दबाव अथवा हलचल से धीर-धीरे अतिरिक्त अंतड़ीयों का बाहर आना संभव है।
  • सवाल 4- क्या ऐसी स्थिति में रक्त की अत्याधिक हानि के कारण मृत्यु हो सकती है?
  • जवाब – हां अत्यधिक रक्त की हानि होना मृत्यु का कारण हो सकता है।
  • सवाल 5- क्या उक्त घटना आरोपी द्वारा हाथ से घटित की गई हो तो क्या हाथ को एक हथियार जैसे प्रयुक्त वस्तु के रूप में माना जा सकता है?
  • जवाब – पूर्व में अन्य प्रकरणों में ऐसा पाया गया है कि अपराधिक प्रवृत्ति से किसी भी चीज को हथियार के रूप में प्रयोग किया जा चुका है। नाखूनों से खरोचा जा सकता है। अतः कमजोर अवयवों पर हाथ व नाखून का हथियार प्रयुक्त वस्तु के रूप में उपयोग संभव है।

11 अगस्त से ट्रायल शुरू

QuoteImage

पुलिस ने केस में इन्वेस्टिगेशन पूरा कर जुलाई महीने में चालान पेश कर दिया था। कोर्ट के समक्ष चालान पेश होने के बाद 11 अगस्त से ट्रायल चालू हो गया है। अभियोजन की ओर से साक्ष्य प्रस्तुत किए जा रहे है। -अनिल चौहान, अतिरिक्त जिला लोक अभियोजन अधिकारी

QuoteImage

इधर, मृतक का बेटा बोला-बेहद नाजुक हालत थी

गैंगरेप पीड़िता के बेटे ने बताया था कि ‘गांव में एक शादी समारोह था। रिश्तेदार महिलाएं खेत पर रहने आई थीं। कार्यक्रम के बाद उन्होंने मां से कहा कि खेत तक छोड़ दें। खेत महज आधा किलोमीटर दूर था। मां उन्हें छोड़ने गई, लेकिन रात तक घर नहीं लौटी। हमें लगा कि वह वहीं रुक गई होंगी। सुबह जब मां घर नहीं लौटी तो हम खेत पहुंचे। वहां बताया गया कि मां तो शाम को ही लौट गई थीं और उनके साथ गांव के सुनील और हरि नाम के युवक भी थे।

कुछ देर बाद गांव की ही एक महिला भूरीबाई ने बताया कि मां उसके घर के पीछे बने शेड में आराम कर रही हैं। जब हम वहां पहुंचे तो मां बेहोश अवस्था में थीं। उन्हें हमने सहलाया, पानी पिलाया और होश में आने के बाद घर लाया गया। क्या हुआ है पूछने पर मां ने कहा- “मेरे साथ गलत हुआ है, अब मैं नहीं बचूंगी। सुनील और हरि ने मेरे साथ जबरदस्ती की।” उनकी हालत बेहद नाजुक थी और प्राइवेट पार्ट से बहुत खून बह रहा था।

खंडवा गैंगरेप मामले को लेकर कांग्रेस ने प्रदेश सरकार को घेरा था।

खंडवा गैंगरेप मामले को लेकर कांग्रेस ने प्रदेश सरकार को घेरा था।

परिवार से मिला था कांग्रेस डेलीगेशन, राहुल ने की थी बात

इस घटना के बाद खंडवा से लेकर भोपाल और दिल्ली तक कांग्रेस ने सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया। आदिवासी कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष विक्रांत भूरिया ने दिल्ली और पूर्व पीसीसी चीफ और केंद्रीय मंत्री अरूण यादव ने भोपाल में प्रेसवार्ता की। भूरिया खुद पीड़िता के घर पहुंचे और फोन पर राहुल गांधी से पीड़िता के बेटे की बात कराई। प्रदेश कांग्रेस ने एक डेलीगेशन भी बनाया। जिसमें अध्यक्ष शोभा ओझा, विजयलक्ष्मी साधौ और झूमा सोलंकी को पीड़िता के गांव भेजा।



Source link