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Dulha Dev Temple Khajuraho Mystery: खजुराहो का दूल्हा देव मंदिर भगवान शिव को समर्पित है और यह साल में केवल एक दिन ही खुलता है. मान्यता है कि यहां से गुजरने वाला हर दूल्हा-दुल्हन माथा टेकता है.
साल में एक बार खुलता है मंदिर
सबसे बड़ी बात ये है कि ये इकलौता ऐसा मंदिर है, जिसके दरवाजे साल में एक बार ही खुलते हैं. मंदिर में विराजमान भगवान शिव को आराध्य के रूप में पूजा जाता है. ये मंदिर खजुराहों के उन दो मंदिर में भी शामिल है, जो मुगल साम्राज्य में भी सुरक्षित रहे.
मतंगेश्वर महादेव मंदिर के पुजारी बाबूलाल गौतम बताते हैं कि सैकड़ों वर्ष पहले यहां से एक बारात निकल रही थी. तभी स्थानीय लोगों ने दूल्हे से भगवान शिव के आगे नमन करने को कहा. दूल्हा लोगों की बातों को अनसुना कर आगे बढ़ा और उसकी मौत हो गयी. उस घटना के बाद जब भी यहां से कोई बारात गुजरती है, तो दूल्हा-दुल्हन यहां मत्था जरूर टेकते हैं.
खजुराहो के इकलौते 2 मंदिर
इतना ही नहीं खजुराहो के आसपास गांव में जब भी कोई शादी होती है तो दूल्हा और दुल्हन इस मंदिर में भगवान शिव का आशीर्वाद लेने जाते हैं. पुजारी के मुताबिक खजुराहो में केवल दो ही ऐसे मंदिर हैं, जिनमें भगवान शिव की पूजा होती है. पहला मंदिर है दूल्हा देव और दूसरा मतंगेश्वर महादेव मंदिर है.
छोटे-छोटे शिवलिंग से बना विशाल शिवलिंग
बता दें, मंदिर के मुख्य गेट पर हमेशा ताला लगा रहता है. एक हजार छोटी-छोटी शिवलिंग से मिलकर बना अनोखा शिवलिंग. मान्यता है कि शिवलिंग का अभिषेक करने पर मनोकामनाएं पूरी होती हैं.
Anuj Singh serves as a Content Writer for News18MPCG (Digital), bringing over Two Years of expertise in digital journalism. His writing focuses on hyperlocal issues, Political, crime, Astrology. He has worked a…और पढ़ें
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