भूल जाएंगे ‘कच्चा बादाम’! टेंगे-टेंगे…समोसे बेचने का अनोखा अंदाज, इस शख्स को लोग रील बनाने के लिए ढूंढ रहे

भूल जाएंगे ‘कच्चा बादाम’! टेंगे-टेंगे…समोसे बेचने का अनोखा अंदाज, इस शख्स को लोग रील बनाने के लिए ढूंढ रहे


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अगर आपको कच्चा बादाम गाना और उसे गाकर मूंगफली बेचने का वो तरीका याद है तो यकीन मानिए रीवा के इन भाई साहब का अंदाज भी आपको बेहतरीन लगने वाला है. इनकी पर्सनालिटी और समोसे बेचने का अंदाज दोनों बखूबी मैच करते हैं, जो लाजवाब है…सुनें

Rewa News: भले ही रीवा में खाने पीने के लिए बहुत कुछ मशहूर हो, लेकिन यहां मिलने वाले समोसे की बात अलग है. रीवा में समोसे की ऐसी कई पुरानी दुकानें हैं, जो अपने अलग स्वाद को लेकर मशहूर हैं. लेकिन इन दिनों ‘समोसी वाले भैया’ अपने समोसे के स्वाद और उसे बेचने के अंदाज की वजह से खूब मशहूर हो रहे हैं. जैसे ही लोग टेंगे-टेंगे… की आवाज सुनते हैं, समोसा प्रेमियों के कान खड़े हो जाते हैं. खासकर हॉस्पिटल में इनके समोसे खूब बिकते हैें.

वैसे तो रीवा में आपको तंग गलियों से लेकर बड़े चौराहों तक जगह-जगह समोसे बिकते मिल जाएंगे. लेकिन, टेंगे-टेंगे समोसे वाले भैया यानी अनूप सोनी की समोसी कुछ ज्यादा ही चर्चा में है. अनूप रीवा के बिछिया के रहने वाले हैं. एक साल से दस रुपए में तीन समोसी बेच रहे हैं. अनूप भैया के समोसे के साथ मिलने वाली चटनी को भी लोग चटखारे लेकर खाते हैं. टमाटर की चटनी के साथ अम्चुर की चटनी भी दी जाती है. साथ मे तली मिर्च भी परोसी जाती है.

आवाज सुनते ही मुस्कुरा देते हैं सब
अनूप साइकिल में घूम-घूम कर समोसे बेचते हैं. साइकिल पर चारों तरफ समोसे के झोले टंगे होते हैं, जो शाम होते-होते खाली हो जाते हैं. साइकिल पर बकायदा नम्बर प्लेट भी लगी है. अनूप ज्यादातर हॉस्पिटलों के पास अपने समोसे और चटनी बेचने के लिए जाते हैं. उनकी टेंगे-टेंगे वाली आवाज सुनते ही लोगों के चहरे पर हंसी आ जाती है.

बहुत अच्छा लगता है, जब लोग हंसते हैं…
अनूप बताते हैं कि ऐसे ही समोसे बेचकर अपने परिवार का भरण-पोषण करते हैं. अच्छा लगता है कि मेरे इस तरह समोसे बेचने के अंदाज से लोगों को हंसी आती है. कई सारे लोग मुझे ढूंढ भी रहे हैं. रील्स बनाने के लिए. पिछले एक साल से दस रुपए में तीन समोसे बेचकर अच्छी कमाई कर रहा हूं. बच्चों को इसी कमाई से पढ़ाई भी करा रहा हूं. इसके अलावा खाना भी बनाता हूं, फोन पर ऑर्डर जो देते हैं, उनको बनाकर पहुंचाता हूं.

Rishi mishra

एक दशक से अधिक समय से पत्रकारिता में सक्रिय. प्रिंट मीडिया से शुरुआत. साल 2023 से न्यूज 18 हिंदी के साथ डिजिटल सफर की शुरुआत. न्यूज 18 के पहले दैनिक जागरण, अमर उजाला में रिपोर्टिंग और डेस्क पर कार्य का अनुभव. म…और पढ़ें

एक दशक से अधिक समय से पत्रकारिता में सक्रिय. प्रिंट मीडिया से शुरुआत. साल 2023 से न्यूज 18 हिंदी के साथ डिजिटल सफर की शुरुआत. न्यूज 18 के पहले दैनिक जागरण, अमर उजाला में रिपोर्टिंग और डेस्क पर कार्य का अनुभव. म… और पढ़ें

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