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MP ka Jallianwala Bagh: 14 जनवरी 1931 को मध्यप्रदेश के छतरपुर जिले के चरण पादुका सिंहपुर में अंग्रेजों ने निहत्थी भीड़ पर गोलियां बरसाईं, जिसमें 100 से ज्यादा लोग शहीद हुए. जानिए एमपी के जलियांवाला बाग हत्याकां…और पढ़ें
टैक्स के विरोध में हुई आमसभा
चरण पादुका सिंहपुर के जमींदार स्व. ठाकुर प्रसाद तिवारी के पुत्र श्रवण तिवारी लोकल 18 से बातचीत में बताते हैं कि 1930 में महात्मा गांधी के असहयोग आंदोलन से प्रेरित होकर बुंदेलखंड में अंग्रेजों द्वारा वसूले जाने वाले मड़ोई कर, चराई कर, लगान के खिलाफ उर्मिल नदी के किनारे आसपास के गांव के लोग इकट्ठे होकर आमसभा कर रहे थे. लेकिन किसी ने इस आमसभा की सूचना नौगांव छावनी के पॉलिटिकल एजेंट लार्ड फिशर को दे दी.
जिसके बाद लार्ड फिशर अपनी फ़ौज लेकर उर्मिल नदी चरण पादुका पहुंच गया. जहां आमसभा कर रहे सभी लोगों को चारों तरफ़ से अंग्रेजों ने घेर लिया और फिर अंधाधुंध फायरिंग शुरू की. श्रवण बताते हैं कि लार्ड फिशर ने 40 राउंड गोलियां चलाईं थी, साथ ही हवाई फायरिंग भी की थी.
जमींदार के सहयोग से ही हुई थी आमसभा
श्रवण बताते हैं कि जमींदार स्व. ठाकुर प्रसाद तिवारी ने अंग्रेजी सरकार के टैक्स के विरोध में हो रही आमसभा में सभी शामिल लोगों के खाने-पीने की व्यवस्था की थी. क्योंकि उस समय ग़रीबी बहुत थी. पिताजी जैसे ओर भी कुछ लोग थे जिन्होंने आमसभा कर रहे लोगों कु मदद की थी. चरण पादुका सिंहपुर में 14 जनवरी 1931 की आमसभा की अध्यक्षता गिलौहां के सरजू प्रसाद यादव ने की थी.
गिलौहां निवासी रामदीन के लेख के मुताबिक लार्ड फिशर की गोलीबारी में 100 से ज्यादा लोगों के शहीद होने का जिक्र है.