‘मैं साबित कर रहा था, मुझे समझ नहीं आ रहा…’ करुण नायर का छलका दर्द

‘मैं साबित कर रहा था, मुझे समझ नहीं आ रहा…’ करुण नायर का छलका दर्द


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इंग्लैंड के खिलाफ पांच मैचों की सीरीज के दौरान लगातार अच्छी शुरुआत को बड़ी पारी में बदलने में विफल रहना करुण नायर (Karun Nair) के लिए निराशाजनक रहा.

'मैं साबित कर रहा था, मुझे समझ नहीं आ रहा...' करुण नायर का छलका दर्द करुण नायर का छलका दर्द.
नई दिल्ली. इंग्लैंड के खिलाफ पांच मैचों की सीरीज के दौरान लगातार अच्छी शुरुआत को बड़ी पारी में बदलने में विफल रहना करुण नायर (Karun Nair) के लिए निराशाजनक रहा. नायर का प्रदर्शन भारत इंग्लैंड सीरीज में कुछ खास नहीं रहा था. आइए जानते हैं सीरीज के बाद उन्होंने अपने प्रदर्शन पर क्या कहा?

इंग्लैंड के खिलाफ बड़ा स्कोर बनाने में विफल रहने के बारे में पूछे जाने पर नायर ने ‘पीटीआई’ से कहा, ‘‘ ऐसा कुछ (अच्छी शुरुआत के बाद विकेट गंवाना) नहीं था. ऐसा नहीं था कि मैं कुछ साबित करने की कोशिश कर रहा था. आप जानते हैं, कभी-कभी ऐसा होता है कि आपको ज्यादातर मैचों में अच्छी शुरुआत मिलती है और फिर आप किसी तरह से आउट हो जाते हैं.’’

उन्होंने कहा, ‘‘मैं पूरी सीरीज में बहुत अच्छी बल्लेबाजी कर रहा था और ज्यादातर मैचों में मुझे अच्छी शुरुआत मिल रही थी. मैं 30 और 40 के स्कोर तक पहुंच रहा था लेकिन इसे बड़े स्कोर में नहीं बदल पा रहा था. यह मेरे लिए किसी और से ज्यादा निराशाजनक था. मैं इस बारे में सोच रहा था कि आखिर ऐसा क्यों हो रहा था और मैं 30-40 के स्कोर पर क्यों आउट हो रहा था.’’

घरेलू क्रिकेट में रनों का अंबार लगा कर लगभग आठ साल बाद राष्ट्रीय टीम में वापसी करने वाले नायर ने एंडरसन-तेंदुलकर ट्रॉफी की आठ पारियों में 25.62 के औसत से 205 रन बनाये. उन्होंने इस दौरान इकलौता अर्धशतक (57 रन) द ओवल मैदान में जड़ा. नायर ने इस अर्धशतकीय पारी के अलावा 40, 31, 26 और 21 के स्कोर के साथ अच्छी शुरुआत की लेकिन वे इन पारियों को बड़े स्कोर में बदलने में नाकाम रहे.

Contact: satyam.sengar@nw18.com

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