बाबा महाकाल की राजसी सवारी के दौरान का बुधवार को एक वीडियो सामने आया है। जिसमें सवारी के दौरान मकान का जर्जर हिस्सा भरभरा कर गिर गया। वीडियो ने नगर निगम के दावे की पोल खोल दी। सवारी से पहले निगम के अधिकारियों सहित महापौर ने सवारी मार्ग का निरीक्षण कि
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विश्व प्रसिद्ध भगवान महाकाल की अंतिम और राजसी सवारी 18 अगस्त को निकली गई। लाखों की संख्या में भक्त बाबा महाकाल की एक झलक पाने के लिए कई घंटों तक सवारी मार्ग पर खड़े रहे। ढाबा रोड के जगदीश मंदिर के पास एक घर का छज्जा अचानक गिर गया। गनीमत ये रही की उस दौरान उस सिर्फ एक व्यक्ति खड़ा था। जिस समय छज्जा गिरा उस समय भजन मंडली की महिलाएं भी थी लेकिन वे बाल-बाल बच गई।
वायरल वीडियो में छज्जा गिरते नजर आया
वायरल वीडियो में नजर आ रहा है कि दो युवक सवारी मार्ग पर स्थित एक पुराने मकान की छत पर चढ़कर बाबा महाकाल की सवारी देख रहे थे। तभी अचानक मकान का छज्जा भरभराकर गिर गया। युवक दीवार से लटकता नजर आया और वह बाल-बाल बच गया।
नगर निगम ने हटाया बचा हुआ छज्जा
इस घटना ने उज्जैन नगर निगम के दावों की पोल खोल दी है। निगम ने पहले दावा किया था कि महाकाल की सवारी से पहले पूरे मार्ग का निरीक्षण किया गया और जितने भी जर्जर मकान थे, उन्हें चिह्नित कर गिरा दिया गया है। निगम कमिश्नर अभिलाष मिश्रा ने बताया कि सवारी से पूर्व चार फीट की शेड रहा गया था। जो सवारी के बीच हुई बारिश के दौरान ढह गया। बाद में इसको पूरी तरह हटा दिया है। आग भी पुरे मार्ग में जर्जर मकान चेक करवाने के निर्देश दिए है।