शाजापुर कोर्ट ने सुनाई आरोपियों को सजा।
शाजापुर में एक ढाबे पर खाने के बिल को लेकर हुए विवाद में हत्या के मामले गुरुवार को कोर्ट ने फैसला सुनाया है। प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश ने मुख्य आरोपी रामचन्द्र परमार को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है।
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ऐसे हुआ था विवाद
घटना 11 अगस्त 2023 की रात करीब 11 बजे की है। निर्भय सिंह अपने दोस्तों के साथ एबी रोड बायपास स्थित दिलीप दा ढाबा पर खाना खाने गए थे। बिल चुकाने के दौरान ढाबा संचालक दिलीप परमार ने अधिक रुपए मांगे। निर्भय सिंह ने इसका विरोध किया तो दिलीप ने गालियां देनी शुरू कर दीं।
इसी दौरान दिलीप के पिता रामचन्द्र ने ढाबे से धारदार गुप्ती निकालकर निर्भय सिंह पर हमला कर दिया। हमले में निर्भय सिंह के सीने और कमर में गंभीर चोटें आईं। बचाव में आए हुकुम सिंह और धर्मेन्द्र सिंह भी घायल हुए। निर्भय को अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
शाजापुर जिला जेल भेजे गए आरोपी।
कोर्ट ने रामचन्द्र को धारा 302 में आजीवन कारावास और 2000 रुपए का अर्थदंड दिया है। साथ ही धारा 307 में 5 वर्ष का कारावास, धारा 323 में 6 माह का कारावास और आयुध अधिनियम में 2 वर्ष का कारावास दिया है। सह-आरोपी दिलीप को धारा 323 में 234 दिन की जेल और 500 रुपए अर्थदंड की सजा सुनाई गई है।