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Ullu Ko Lekar Manyata: छतरपुर जिले में आज भी एक लोक मान्यता है कि उल्लू बच्चों के कपड़े चोरी कर नदी या कुएं में फेंक देता है, जिससे बच्चे बीमार हो जाते हैं
झालर बच्चों को इस पक्षी से रखते हैं छुपाकर पुराने बुजुर्ग बताते आए हैं कि महिलाएं अपने बच्चे को उल्लू से कोसों दूर रखती हैं. क्योंकि जो 1 से 2 साल के बच्चे होते हैं या जिन बच्चों का मुंडन नहीं हुआ है तो ऐसे बच्चों को उल्लू की नजर से बचाकर रखा जाता है.
पुराने बुजुर्ग बताते आए हैं कि उल्लू पक्षी एक तांत्रिक क्रिया में काम आता है. कई लोग इसे बुरे काम के लिए तांत्रिक क्रिया में प्रयोग करते हैं. महिलाओं के बच्चों को उल्लू से इसलिए दूर रखते हैं क्योंकि दुश्मन उल्लू की सहायता से घर पर परेशानी कर सकते हैं.
बच्चे बीमारी से होते हैं ग्रसित
मान्यता है कि घर में अगर छोटे बच्चों के कपड़े रखे होते हैं तो उल्लू इन कपड़ो को अपने साथ ले जाता है और यह कपड़े नदी-तालाब या कुआं में फेंक देता है. जैसे-जैसे ये कपड़े पानी में सड़ते जाते हैं वैसे ही बच्चे बीमारी से ग्रसित होते जाते हैं. इसलिए महिलाएं रात में घरों की छतों और आंगन में बच्चों के कपड़े नहीं टांगती हैं.
पानी में फेंक देता है हर चीज
वही कमलेश सोनी बताते हैं कि सिर्फ बच्चों के कपड़ों को ही उल्लू से बचा कर नहीं रखा जाता है. अगर उल्लू घर में आता है तो बच्चों की कोई सी भी चीज घर के आंगन या छत में नहीं रखते हैं. उल्लू को अक्सर देखा जाता है कि जो चीजें ले जाता है उसे पानी में ही फेंकता है. हमनें पुराने बुजुर्गों से यही सुना है और आज भी गांवों में उल्लू से छोटे बच्चों को छुपाकर रखा जाता है.
Anuj Singh serves as a Content Writer for News18MPCG (Digital), bringing over Two Years of expertise in digital journalism. His writing focuses on hyperlocal issues, Political, crime, Astrology. He has worked a…और पढ़ें
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