सीहोर में किसानों का जल सत्याग्रह शनिवार को पांचवें दिन भी जारी रहा। किसान सीवन नदी में खड़े होकर फसल बीमा राशि की मांग कर रहे हैं। प्रशासनिक अधिकारी और कृषि विभाग के अधिकारी नदी में उतरकर किसानों के पास पहुंचे।
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अधिकारियों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान और मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नाम ज्ञापन लिया। कृषि विभाग के अधिकारी कमल सिंह ठाकुर ने किसानों को आश्वासन दिया कि उनकी मांग शासन तक पहुंचाई जाएगी।
एमपी के किसान बीमा से वंचित एम.एस. मेवाड़ा और किसान नेता हिम्मत सिंह मेवाड़ा के नेतृत्व में चल रहे आंदोलन में किसानों ने फसल बीमा का सवाल उठाया। किसानों का कहना है कि राजस्थान के किसानों को एक साथ बीमा का लाभ मिला, लेकिन मध्यप्रदेश के किसानों के साथ भेदभाव क्यों?
किसानों को पांच से फसल बीमा नहीं मिला पिछले पांच सालों से सोयाबीन और अन्य फसलों का बीमा किसानों को नहीं मिला है। 2016 में सीहोर से प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना की शुरुआत हुई थी। प्रधानमंत्री ने कहा था कि एक किसान की फसल प्राकृतिक आपदा से खराब होने पर भी बीमा मिलेगा। लेकिन पूरे गांव की फसल खराब होने के बाद भी किसानों को बीमा राशि नहीं मिली।
किसानों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही बीमा राशि नहीं मिली तो आंदोलन और तेज किया जाएगा। कई बार ज्ञापन देने और आंदोलन के बावजूद उनकी मांग पूरी नहीं हुई है।