गुना से लापता हुई तीन युवतियों की कहानी: उज्जैन, इंदौर, सूरत होते हुए खंडवा पहुंचीं; एक युवती के पार्टनर के साथ गई थीं तीनों – Guna News

गुना से लापता हुई तीन युवतियों की कहानी:  उज्जैन, इंदौर, सूरत होते हुए खंडवा पहुंचीं; एक युवती के पार्टनर के साथ गई थीं तीनों – Guna News


तीनों युवतियां एक युवक के साथ बाइक पर गई थीं।

गुना जिले के मधुसुदनगढ़ इलाके से पिछले महीने गायब हुईं तीनों लड़कियों को पुलिस ने ढूंढ निकाला है। तीनों लड़कियां एक लड़की के पार्टनर के साथ चली गई थीं। इनमें एक लड़की 20 वर्ष और दो लड़कियां 21- 21 वर्ष की हैं। वह इंदौर, उज्जैन, सूरत होते हुए खंडवा पह

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बता दें कि मामला 20 जुलाई का है। जानकारी के अनुसार मधुसूदनगढ़ थाना इलाके के ग्राम विधोरिया के रहने वाले एक परिवार की 20 और 18 वर्षीय युवतियां और 17 वर्षीय एक नाबालिग दोपहर में मधुसूदनगढ़ में संचालित कोचिंग सेंटर पर जाने की कहकर अपने अपने घर से निकली थीं। जब काफी देर तक वह वापस नहीं आईं, तो परिवार वालों को चिंता हुई। परिवार वालों ने पहले तो कुछ समय तक उनका इंतजार किया, लेकिन वह नहीं लौटीं। परिवार वालों ने उन्हें तलाशना शुरू किया।

परिवार वालों ने दोस्तों, रिश्तेदारों और गांव सहित मधुसुदनगढ़ में भी तलाश की, लेकिन उनका कुछ पता नहीं चल सका। इसके बाद परिवार वाले थाने पहुंचे और शिकायत दर्ज कराई। शिकायत दर्ज करने के बाद पुलिस भी गांव में पहुंची और बच्चियों की तलाश शुरू की। परिवार वालों ने समझ के लोगों को जल्द लड़कियों को ढूंढने का आश्वासन दिया, जिसके बाद वह थाने से लौट आए।

लड़कियों को खोजने तीन टीमें बनाईं

SP अंकित सोनी ने शनिवार को पूरे मामले का खुलासा किया। उन्होंने बताया कि मामले की गंभीरता को देखते हुए गुमशुदा लड़कियों को जल्द खोजने के लिए दस हजार का इनाम घोषित किया। मधुसुदनगढ़ थाने के अलावा TI ओपी आर्य, SI राजेन्द्र सिंह चौहान, आरक्षक गजेन्द्र और जशवंत की एक एसआईटी गठित कर लड़कियों को खोजने में लगाई गई। एक टीम टेक्निकल सर्विलांस के लिए बनी, दूसरी लड़कियों को खोजे और तीसरी CCTV देखने के लिए बनाई गई।

SP ने बताया कि विवेचना के दौरान पता चला कि जिस दिन से तीनों लडकियां घर से गईं हुई हैं, उसी दिन से सोनखेडी गांव का संदीप सौंधिया भी उसके घर से गायब है। इसके बाद पुलिस द्वारा अपने मुखबिर तंत्र से संदीप सौधिया के बारे में जानकारी लेने पर पता चला कि संदीप सौंधिया की उनमें से एक लड़की से बातचीत होती थी। संभवत: संदीप सौंधिया भी तीनों लड़कियों के साथ ही है। पुलिस ने संदीप को भी गुमशुदगी दर्ज की।

लड़कियों के लापता होने पर ग्रामीणों ने थाने पर प्रदर्शन किया था।

लड़कियों को बाइक पर ले जाते दिखा

इस जानकारी के बाद पुलिस द्वारा मधुसूदनगढ एवं मधुसूदनगढ़ से होकर निकलने बाले रास्तों के सीसीटीवी फुटेज चैक किये गए तो संदीप सौंधिया तीनों लड़कियों को एक मोटर साईकिल पर बैठाकर ले जाते हुए दिखा। इसके बाद संदेही और गुमशुदा तीनों लड़कियों की तलाश के लिए पुलिस की अलग-अलग टीमें ब्यावरा, शाजापुर, सारंगपुर, उज्जैन और इन्दौर तरफ रवाना की गईं। साथ ही उनकी तलाश के लिए तकनीकी संसाधनों की मदद ली गई। अपने मुखबिरों को गुमशुदाओं एवं संदेही युवक के फोटो भेजकर तलाश के लिए सक्रिय किया गया।

इंदौर में मिलीं दो लड़कियां

तलाश के क्रम में पुलिस को गुमशुदा दो लड़कियों के किसी कारण से इंदौर में संदीप के दोस्‍त आशीष मीना के घर पहुंचने की मुखबिर से सूचना मिली। चूंकि गुमशुदा युवतियों की तलाश में पुलिस की एक टीम इंदौर में कैंप किए हुए थीं, तो वह टीम तत्‍काल आशीष मीना के घर के पास पहुंची और अपनी पहचान छिपाते हुए दोनों लड़कियों के आने का इंतजार किया। कुछ देर बाद दोंनो लड़कियों के आते ही पुलिस ने उन्‍हें बरामद कर लिया। उनसे तीसरी लड़की के बारे में पूछने पर उनके द्वारा तीसरी लड़की के खंडवा में होना बताए जाने पर पुलिस टीम खंडवा पहुंची और उन दोनों लड़कियों के बताई जगह से तीसरी लड़की को भी बरामद कर लिया गया।

मामले का खुलासा करते SP अंकित सोनी।

मामले का खुलासा करते SP अंकित सोनी।

ऐसे किया पूरा प्लान

जिस लड़की की संदीप से बात होती थी, उस लड़की ने पूछताछ में बताया कि वह पिछले दो साल से संदीप सौधिया को जानती थी। वह उसके साथ कोचिंग में पड़ता था और उसकी संदीप से बातचीत होती रहती थी। 20 जुलाई को अपनी सहेली के मोबाइल से संदीप से बात करते समय उसकी बड़ी बहन ने उसे देख लिया था। उससे मोबाइल छीनकर चैक किया तो उसमें उसकी सहेली के भी किसी लड़के से बात होने की जानकारी बड़ी बहन को लग गई। बड़ी बहन ने उसे डांट लगाते हुए कहा कि वह घरवालों को बता देगी।

इसके बाद उसने यह बात अपनी सहेली को बताई और उससे कहा कि अगर बहन ने यह बात घरवालों को बताई तो मुश्किल हो जाएगी। इससे डरकर उन्‍होंने घर से भागने की योजना बनाई। इस योजना के बारे अपनी तीसरी सहेली को बताया तो उसने भी साथ चलने का बोला। क्‍योंकि दोनों के घर से जाने के बाद घर वाले उससे तमाम पूछताछ करते। इसके बाद उसकी दोनों सहेलियों ने अपने दो परिचित मित्रों को भी साथ चलने को कहा लेकिन उन दोनों ने साथ चलने से मना कर दिया।

संदीप के साथ तीनों लड़कियां गईं

फिर उसकी संदीप सौंधिया से बातचीत हुई और उसके आने पर वह तीनों संदीप की मोटर साईकिल पर बैठकर उसके साथ गुना से इन्दौर पहुंच गईं। वहां संदीप के मित्र आशीष मीना के रूम पर पहुंचे। उन्होंने आशीष से कुछ रुपए मांगे और मोटर साईकिल रखने को कहा तो उसके साथ रहने वाले उसके मामा हृदेश ने उसे मदद करने से मना कर दिया। उसके मामा ने कहा कि पहले भी यहां ऐसा ही केस हो चुका है और पुलिस आ चुकी है। इसलिए वह उन्हें यहां नहीं रख सकते।

युवतियां पेट्रोल पंप के सीसीटीवी पर कुछ देर बैठीं दिखीं।

युवतियां पेट्रोल पंप के सीसीटीवी पर कुछ देर बैठीं दिखीं।

मंदिर के गार्डन में बिताई रात इसके बाद सभी उन्हें बिना बताए छिपकर वहीं पास में ही एक मंदिर के गार्डन में रात रुके। सुबह होते ही इन्दौर रेल्वे स्टेशन पर मोटर साईकिल रखकर उज्जैन चले गए थे। वहां किराये का एक कमरा लेकर उसमें तीन दिन रुके। वहीं उन्होंने एक वकील से शादी कराने की बात कही। वकील ने 25 हजार का खर्चा बताया। उन लोगों के पास इतने पैसे नहीं थे, तो उन्होंने मना कर दिया। वकील ने कहा कि वह एक एग्रीमेंट करा देगा और उसकी नोटरी करा देगा। इस बात पर वो लोग राजी हो गए।

वकील ने दस्तावेज तैयार कर एक पत्र उनके घर वालों को भेज दिया। इसमें लिखा था कि वह अपनी मर्जी से साथ रहना चाहते हैं। उन्हें कोई परेशान न करे। इस पत्र के साथ उन्होंने बाइक की चाबी भी भेज दी। जब पत्र उनके परिवार वालों को मिला, तो वे उसे लेकर मधुसुदनगढ़ थाने पहुंचे। यहां पुलिस को वो पत्र दिखाया।

युवतियां एक पेट्रोल पंप पर दिखाई दी थीं।

युवतियां एक पेट्रोल पंप पर दिखाई दी थीं।

उज्जैन छोड़कर ओंकारेश्वर पहुंचीं

जब उन्होंने उज्जैन से लेटर भिजवाया, तो उसके बाद उन्हें लगा कि पुलिस पत्र मिलने पर उज्जैन आ जाएगी। इसलिए वो लोग वहां से कमरा खाली करके बस से ओमकारेश्वर चले गए। वहां पर होटल में कमरा लेकर एक रात रुके, लेकिन ओमकारेश्वर छोटी जगह होने से उन्हें परमानेंट कमरा नहीं मिला, तो वह पास में ही खंडवा चले गए थे। वहां एक लॉज में तीन दिन रुके।

फिर चारों लोग कुछ काम ढूंढने के लिए खंडवा से सूरत बस से निकल गए थे, क्योंकि रेल्वे स्टेशन पर पुलिस रहती है जो उन्हें पहचान सकती थी। चारों लोग सूरत गुजरात पहुंचे, जहां दिनभर काम की तलाश की, लेकिन सभी ने काम पर रखने से पहले पुलिस वेरिफिकेशन का कहा।

इस कारण सभी सूरत से वापस खण्डवा आ गये। खंडवा में दोबारा से उसी लॉज में पहुंचे, जहां पहले रुके थे। पर वहां के लोगों को उन पर शक होने लगा था। इस कारण तीन हजार रुपये महीने के किराये पर एक प्राइवेट कमरा ले लिया था और उसी में रहने लगे थे।

वेटर का काम करने लगा संदीप संदीप होटल पर वेटर का काम करने लगा। इसके लिए उसे 400 रुपए रोज मिलते थे। वहीं दो लड़कियां होटल पर रोटी बनाने का काम करने लगीं। उन्हें 300- 300 रुपए रोज के मिलते थे। इसी दौरान संदीप को उसके घर वालों की याद आ रही थी कि उनके साथ जाने क्या हो रहा होगा। इसलिए उनके बारे में पूछने के लिए संदीप इन्दौर जाने की बोलने लगा।

बुर्का पहनकर इंदौर आईं

लड़कियों ने उसे रोका और कहा कि तुम जल्दी पिघल जाओगे और पकडे़ भी जा सकते हो, इसलिए हम लोग पता करने इन्दौर आशीष के पास चले जाते हैं। खंडवा से दो बुर्के खरीदे और उन्हें पहनकर दो सहेली बस से इन्दौर आशीष के पास उसके कमरे पर पहुंची। लेकिन वहां पहले से पुलिस लगी हुई थी और उनके आने पर पुलिस ने उन्हें अपनी अभिरक्षा में ले लिया। पुलिस ने तीसरी सहेली के बारे में पूछताछ की, तो बताया कि वह खंडवा में है। पुलिस दोनों को लेकर खंडवा पहुंची और तीसरी लड़की को भी बरामद कर लिया।

बरामद होने पर तीनों के SDM के समक्ष बयान कराए गए।

बरामद होने पर तीनों के SDM के समक्ष बयान कराए गए।

वन स्टॉप सेंटर भेजा

पुलिस तीनों युवतियों को लेकर गुना पहुंची। SP ने बताया कि चूंकि तीनों लड़कियों के घर वालों के द्वारा संदीप सोंधिया पर एवं अन्य लोगों पर उनकी लड़कियों को लेकर जाने की शिकायतें की गईं थीं। इस मुद्दे के काफी सामाजिक रूप लेने से तीनों लड़कियों को एसडीएम के समक्ष उनके कथन कराए गए। इसके बाद उनकी काउंसलिंग वन स्टॉप सेन्टर द्वारा कराई गई है। लड़कियां अपने परिवार वालों के साथ जाने राजी नहीं हैं।



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