खरगोन जिले के झिरन्या क्षेत्र में किसान सोयाबीन की फसल खराब होने से परेशान हैं। फसल में पीला मोजेक वायरस के कारण पौधे सड़ने लगे हैं। फसलों में बीमारी फैलने पर किसान खुद अपनी फसल को नष्ट कर रहे हैं।
.
डेहरिया गांव में किसान चमार सिंह तड़ोले ने भी खेत में जुताई कर फसल नष्ट कर दी। तड़ोले ने 8 एकड़ जमीन किराए पर ली थी, जिसमें सोयाबीन की फसल लगाई थी।
इन इलाकों में भी असर क्षेत्र में डेहरिया के साथ मारुगढ़, शाहपुरा, चैनपुर, राजपुरा सहित आसपास के कई गांवों में यह समस्या फैली हुई है। अनुमान के मुताबिक 100 एकड़ से अधिक क्षेत्र में फसल को नुकसान पहुंचा है।
किसान अपनी फसल खुद ही नष्ट कर रहे
किसानों ने की मुआवजे की मांग कृषि विस्तार अधिकारी बीएल डावर और आयुषी गंगराड़े के अनुसार पोटेशियम की कमी और पीला मोजेक वायरस के कारण फसल पीली पड़कर खराब होती है।
प्रभावित किसानों ने फसल का सर्वे कर मुआवजे की मांग की है। फसल बीमा कराने वाले किसानों को राहत मिल सकेगी। कृषि विभाग की जांच टीम प्रभावित खेतों का निरीक्षण कर रही है।