स्टेट इंजीनियरिंग सर्विस एग्जाम: स्मार्ट वॉच से कर रहा था नकल, ब्लू टूथ लाइट से पकड़ा गया – Indore News

स्टेट इंजीनियरिंग सर्विस एग्जाम:  स्मार्ट वॉच से कर रहा था नकल, ब्लू टूथ लाइट से पकड़ा गया – Indore News



मध्यप्रदेश लोक सेवा आयोग की सबसे प्रमुख परीक्षाओं में से एक स्टेट इंजीनियरिंग सर्विस एग्जाम रविवार को इंदौर में 13 केंद्रों पर हुई। 55 फीसदी अभ्यर्थी ही उपस्थित हुए। इससे पहले भी असिस्टेंट प्रोफेसर भर्ती और स्टेट सर्विस एग्जाम में उपस्थिति का प्रतिश

.

स्टेट इंजीनियरिंग सर्विस की एक एग्जाम दो साल बाद हो रही है। उसी कारण 23 पदों के लिए रिकॉर्ड 8 हजार आवेदन आए थे। परीक्षा देने 4400 के आसपास ही पहुंचे। इधर, परीक्षा में एक सेंटर पर एक अभ्यर्थी को अॉब्जर्वर ने नकल करते पकड़ा। अभ्यर्थी चेकिंग के दौरान छिपाकर स्मार्ट वॉच साथ ले गया था।

बताते हैं नकल करते समय स्मार्ट वॉच के ब्लू टूथ का उपयोग कर रहा था। ब्लू टूथ की रोशनी से पकड़ में आ गया। उसका नकल प्रकरण बनाया गया और जांच के बाद आगे की कार्रवाई पर निर्णय होगा। जानकारों का कहना है कि ऐसे मामलों में परीक्षा ही निरस्त की जाती है। पीएससी ओएसडी डॉ. रवींद्र पंचभाई का कहना है, परीक्षा बिना किसी व्यवधान के पूरी हो गई है। एक नकल प्रकरण बना है। 55 फीसदी उपस्थिति रही है। पूरे प्रदेश में सिर्फ इंदौर में 13 केंद्र बनाए गए थे।

एक से सवा माह में रिजल्ट, फिर इंटरव्यू होंगे

पीएससी इस परीक्षा का रिजल्ट एक से सवा माह में जारी करेगा। अगले साल जनवरी-फरवरी या उससे पहले भी इंटरव्यू किए जा सकते हैं। 45% अभ्यर्थी अनुपस्थित रहे हैं, इसलिए प्रतिस्पर्धा घटेगी। एक पद के लिए 350 दावेदार थे, लेकिन परीक्षा के दौरान यह 158 के आसपास रह गए हैं। पीएससी ने 2021 में स्टेट इंजीनियरिंग सर्विस के 493 पद निकाले थे।

इसके बाद 2022 में पदों की संख्या 36 रह गई थी। 2023 में वैकेंसी ही नहीं निकाली गई और 2024 में भी नाममात्र के पद दिए गए। इस बार परीक्षा में सभी स्पेशलाइजेशन में प्रथम परचा सामान्य अध्ययन का 150 अंकों का था। इसमें कुल 50 प्रश्न पूछे गए। वहीं, दूसरा प्रश्न पत्र संबंधित विषय (सिविल, मैकेनिकल, इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग) का हुआ, जिसमें 100 प्रश्न थे। यह 300 अंकों का रहा।



Source link