मकान मालिक की लापरवाही से गई मजदूर की जान: बेटी बोली- पापा रोज 2 बजे खाना खाने घर आते थे कल नहीं लौटे, आज होगा पोस्ट मार्टम – Gwalior News

मकान मालिक की लापरवाही से गई मजदूर की जान:  बेटी बोली- पापा रोज 2 बजे खाना खाने घर आते थे कल नहीं लौटे, आज होगा पोस्ट मार्टम – Gwalior News


मृतक गणेश प्रजापति के परिजन विलाप करते हुए।

ग्वालियर में 60 साल पुराने जर्जर और एक तरफ झुके मकान को लापरवाही से तोड़ने के कारण एक परिवार का इकलौता सहारा हमेशा के लिए छिन गया। घटना में 48 वर्षीय गणेश प्रजापति की मौत हुई है। परिवार का रो-रो कर बुरा हाल है। मृतक की बेटी खुशबू कहती है कि पता नहीं थ

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पापा रोज सुबह 6 बजे घर से काम पर निकलते थे और दोपहर 2 बजे वापस आ जाते थे। खाना खाने वह घर पर ही आते थे, लेकिन पापा घर नहीं आए। लगा शाम को जल्दी आ जाएंगे, लेकिन यह नहीं पता था कि वह अब फिर कभी लौटकर नहीं आएंगे।

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मकान ढहाने से पहले मकान मालिक राजू शिवहरे ने नगर निगम से इसकी अनुमति भी नहीं ली थी। मामले में मकान मालिक पर कार्रवाई हो सकती है। वहीं आज पोस्ट मार्टम के बाद गणेश का शव परिजनों को सौंपा जाएगा। बता दें कि रंगियाना मोहल्ले की गली नंबर दो में राजू शिवहरे का 60 साल पुराना मकान था, जो जर्जर हो चुका था।

मकान एक तरफ झुकने लगा, तो स्थानीय लोगों ने नगर निगम में शिकायत की। जिस पर निगम ने कुछ दिन पहले शिवहरे को नोटिस दिया था। इसी मकान की पहली मंजिल पर आदिवासी परिवार किराए से रह रहा था। उन्हें मकान से निकाले बिना ही शिवहरे ने ऊपर की मंजिल तोड़ना शुरू कर दिया था।

एसडीईआरएफ की टीम ने मलबे में दबे लोगों को निकाला और अस्पताल पहुंचाया।

एसडीईआरएफ की टीम ने मलबे में दबे लोगों को निकाला और अस्पताल पहुंचाया।

परिवार को संभालने वाला गणेश ही था

हादसे में मृत गणेश चार भाई थे। पिछले कुछ सालों में अलग-अलग हादसों में तीन भाईयों की मौत हो गई। अब गणेश ही अकेला कमाने और परिवार को संभालने वाला था। गणेश की पत्नी का नाम राजकुमारी है और उसके तीन बच्चे सतीश, खुशबू और जीतू हैं। मकान मालिक की लापरवाही की सजा हमारे पूरे परिवार को मिली है।

बहन बोली-मैंने लोअर से पहचान लओ जे तो गणेश है जहां घटना हुई है वहां दो मकान छोड़कर उर्मिला प्रजापति भी अपने परिवार के साथ रहती हैं। उर्मिला, मृतक मजदूर की बहन है। उर्मिला ने बताया कि हादसे के बाद वह वहां पहुंची तो पता लगा एक मजदूर अंदर दब गया है। उनको लगा कि उनका भाई गणेश तो दो बजे ही चला जाता है। जब एसडीआरएफ की टीम ने मलबे में दबे मजदूर को बाहर निकलवाया तो मैंने लोअर देखकर पहचान लिया कि यह तो मेरा भैया गणेश है। जब उसे स्ट्रेचर पर ले जा रहे थे तो वह खत्म हो चुका था।

हादसे के बाद मृतक मजदूर के घर के बाहर बैठे परिजन रोते हुए।

हादसे के बाद मृतक मजदूर के घर के बाहर बैठे परिजन रोते हुए।

किस्मत से बची किराएदार परिवार की जान पता लगा है कि मकान मालिक ने छह माह पहले यह अनफिट मकान टीकमगढ़ के आदिवासी परिवार को किराए पर दिया था। रमेश आदिवासी और उसका परिवार इस मकान में रहता था। जिस समय हादसा हुआ घर में रमेश, उसका बेटा निक्कू (16), बेटी रोशनी (17) थे। घर की छत में दरार आने पर निक्कू बाहर निकल आया। उसने मजदूरों को यह बात बताई। एक मजदूर उसके पास खड़ा हो गया। जबकि गणेश मकान का पिलर तोड़ रहा था। तभी दूसरी मंजिल के साथ पहली मंजिल ढह गई। रोशनी और रमेश घायल हो गए थे, जबकि बेटा निक्कू को दो मिनट बाहर चला गया था।

हादसे के बाद मजदूर के घर इकट्‌ठा लोग।

हादसे के बाद मजदूर के घर इकट्‌ठा लोग।

स्थानीय नागरिक बोले-हमें पता था ऐसा कुछ होगा स्थानीय नागरिकों का कहना था कि हम तो पिछले छह महीने से कह रहे थे कि यहां एक दिन बड़ा हादसा होने वाला है। राजू शिवहरे का मकान जगह छोड़ रहा था। नींव उखड़ रही थी और मकान एक तरफ झुक रहा था। जिस पर स्थानीय लोगों ने कई बार कहा पर मकान मालिक ने कोई एक्शन नहीं लिया। तब स्थानीय लोगों ने एक राय होकर लिखित शिकायत नगर निगम दफ्तर पहुंचकर की, लेकिन अफसरों ने कोई कार्रवाई नहीं की। कई बार शिकायत के बाद कुछ दिन पहले नोटिस देकर औपचारिकता की थी।

जर्जर मकान की मलबे में दबकर घायल हुई 17 वर्षीय रोशनी।

जर्जर मकान की मलबे में दबकर घायल हुई 17 वर्षीय रोशनी।

ऐसे समझिए पूरा हादसा ग्वालियर में 60 साल पुराना दो मंजिला मकान सोमवार को ढह गया। इसके मलबे में तीन लोग दब गए। इनमें से एक की मौत हो गई। वहीं दो लोग घायल हो गए। जिन्हें अस्पताल ले जाया गया। जहां उनका इलाज चल रहा है। निगम के नोटिस के बाद मकान मालिक इस मकान तो तुड़वा रहा था। एसडीएम का कहना

एसडीएम नरेन्द्र बाबू का कहना है कि हादसे में एक मजदूर की मौत हो गई है। स्थानीय लोगों ने क्या शिकायत की थी और नगर निगम ने क्या एक्शन लिया था यह जांच का विषय है।

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ग्वालियर में 60 साल पुराना दो मंजिला मकान ढह गया। इसके मलबे में तीन लोग दब गए। इनमें से एक की मौत हो गई। वहीं दो लोग घायल हो गए। जिन्हें अस्पताल ले जाया गया। घटना रंगियाना मोहल्ला में सोमवार दोपहर की है। यह मकान राजू शिवहरे का है। नगर निगम ने इस जर्जर मकान को तुड़वाने के लिए नोटिस दिया था। जिसके बाद मकान मालिक इसे तुड़वा रहे थे। पूरी खबर पढ़ें…



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