दावा है कि अब तक 400 बार नर्मदा पाइपलाइन फूट चुकी है।
खंडवा शहर में पेयजल संकट का कारण बन चुकी नर्मदा जलापूर्ति पाइपलाइन अब अंतरराष्ट्रीय चर्चा में है। विपक्ष के नेता मुल्लू राठौर ने दावा किया है कि यह पाइपलाइन अब तक 400 से अधिक बार फूट चुकी है, जो एक अभूतपूर्व आंकड़ा है। उन्होंने इस मामले को गिनीज बुक
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गिनीज बुक प्रबंधन की ओर से राठौर से इस आंकड़े को लेकर आधिकारिक दस्तावेज और प्रमाण मांगे गए हैं। इसके लिए उन्होंने कलेक्टर ऋषव गुप्ता को पत्र लिखकर नर्मदा पाइपलाइन के फूटने की घटनाओं का विस्तृत रिकॉर्ड मांगा है।
कलेक्टर ने मामला नगर निगम को भेजा
कलेक्टर ऋषव गुप्ता ने इस आवेदन को नगर निगम कमिश्नर प्रियंका सिंह राजावत को फारवर्ड कर दिया है और निर्देश दिए हैं कि संबंधित जानकारी जल्द उपलब्ध कराई जाए। इस पर कमिश्नर का कहना है कि रिकॉर्ड संकलन की प्रक्रिया चल रही है और जल्द ही जवाब दिया जाएगा।
नगर निगम कमिश्नर प्रियंका सिंह राजावत।
राठौर बोले- यह वर्ल्ड रिकॉर्ड में दर्ज होने योग्य
नेता प्रतिपक्ष मुल्लू राठौर ने बताया कि मैंने 8 अगस्त 2025 को गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स में ऑनलाइन आवेदन किया। खंडवा की नर्मदा जलापूर्ति योजना के तहत बिछी पाइपलाइन में अब तक करीब 400 बार रिसाव या फूट की घटनाएं हो चुकी हैं। यह संख्या इस श्रेणी में पूरी दुनिया में कहीं नहीं मिलेगी।
कलेक्टर ने इसे विपक्ष का ‘नवाचार’ बताया
इस अनोखे आवेदन पर जब दैनिक भास्कर ने कलेक्टर ऋषव गुप्ता से प्रतिक्रिया मांगी तो उन्होंने मुस्कुराते हुए कहा,
यह विपक्ष का नवाचार है। विपक्ष का काम होता है मुद्दे उठाना और काम को बेहतर तरीके से करवाना। यदि इससे प्रशासन पर सकारात्मक दबाव बनता है, तो यह भी लोकतंत्र की एक प्रक्रिया है।

कलेक्टर ने यह भी बताया कि नई पाइपलाइन का काम लगभग पूरा हो चुका है और अब कनेक्टिविटी जोड़ी जा रही है। अनुमान है कि दीवाली तक नई लाइन से जल आपूर्ति शुरू हो जाएगी।

खंडवा कलेक्टर ऋषव गुप्ता।
इसलिए चर्चा में रहती है नर्मदा पाइपलाइन
खंडवा शहर में नर्मदा जलापूर्ति योजना के अंतर्गत बिछाई गई पाइपलाइन आए दिन फूटती रहती है। इससे कई क्षेत्रों में घंटों और कभी-कभी दिनों तक पानी की आपूर्ति बाधित रहती है। स्थानीय नागरिकों के साथ-साथ विपक्ष भी लंबे समय से इसे लेकर नाराजगी जताता रहा है।
अब इस समस्या को अनोखे तरीके से उठाते हुए विपक्ष ने इसे अंतरराष्ट्रीय मंच तक पहुंचाने की कोशिश की है। अगर यह रिकॉर्ड दर्ज होता है, तो यह खंडवा के लिए एक अनचाहा ‘गौरव’ बन सकता है।