प्रशासन ने सरकारी जमीन को अतिक्रमण मुक्त कराया है।
इंदौर के ग्राम कैलोद करताल में लगभग 3620 वर्गमीटर की सरकारी जमीन को अतिक्रमण से मुक्त कराया है। कलेक्टर आशीष सिंह और निगमायुक्त शिवम वर्मा के निर्देश पर नगर निगम की टीम ने तहसीलदार और पटवारी की मौजूदगी में संयुक्त कार्रवाई की। सरकारी जमीन पर अतिक्रमण
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दरअसल, जोन 13 वार्ड 77 में लगभग 3620 वर्गमीटर सरकारी जमीन पर लाल सिंह पटेल ने अतिक्रमण कर करीब 5 हजार पौधे रखकर नर्सरी बना ली थी।
जिस पर अपर आयुक्त रोहित सिसोनिया के निर्देशन में ये कार्रवाई की गई। कार्रवाई के दौरान अतिक्रमण करने वाले को सामने मौजूद रहकर पौधे हटाने के लिए कहा गया। नियमानुसार उसे 3 दिनों का समय दिया गया।
फिलहाल की स्थिति में 20 प्रतिशत पौधे हटाए जा चुके हैं। ट्रैक्टर लगाकर पौधे हटाने का काम किया जा रहा है। सरकारी भूमि की अनुमानित कीमत करीब 5 करोड़ 43 लाख रुपए है।
सरकारी जमीन को कब्जे से कराया मुक्त।
निगमायुक्त बोले- सरकारी जमीन पर अतिक्रमण बर्दाश्त नहीं निगमायुक्त शिवम वर्मा ने बताया कि सरकारी जमीन पर किसी भी प्रकार का अवैध अतिक्रमण बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। शहर हित में की जा रही इस कार्रवाई के अंतर्गत जमीन को अतिक्रमण मुक्त कराकर दोबारा लोगों के उपयोग और सार्वजनिक हित में लिया जाएगा।
उन्होंने कहा कि पर्यावरण संरक्षण को देखते हुए नगर निगम द्वारा अतिक्रमण मुक्त कराई गई इस जमीन पर बड़े स्तर पर पौध्रोपण किया जाएगा। पौधारोपण और हरियाली बढ़ाकर न केवल पर्यावरण संतुलन सुनिश्चित किया जाएगा, बल्कि आसपास के इलाके की सुंदरता और स्वच्छता में बढ़ोतरी होगी।
नगर निगम इंदौर अतिक्रमण हटाने की यह सतत कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी, ताकि सरकारी जमीन पर किसी भी प्रकार के अवैध कब्जे को रोका जा सके और शहर के विकास कामों में बाधा न आए।