रेडियस बढ़ाने के लिए अब दो पियर बनाए जाएंगे
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90 डिग्री वाले ऐशबाग आरओबी की बड़ी खामी दूर करने की तैयारी शुरू हो गई है। बुधवार को भोपाल आई केंद्रीय एक्सपर्ट कमेटी ने निरीक्षण कर पीडब्ल्यूडी का प्रजेंटेशन देखा और रेडियस बढ़ाने पर जोर दिया। अभी इसका रेडियस महज 6 मीटर है। इसे बढ़ाकर 16.7 मीटर करने का फैसला लिया गया है।
सुबह 10:30 बजे से दोपहर तक कमेटी ने आरओबी का निरीक्षण किया। साथ में रेलवे के इंजीनियर भी थे। रेलवे ने अतिरिक्त जमीन देने पर सहमति दी, जिसके बाद रेडियस बढ़ाने का निर्णय लिया गया। योजना के अनुसार, पुल बोगदा की ओर जाने वाले हिस्से में बाईं तरफ वॉल को डिजाइन कर घुमाव दिया जाएगा और दाईं तरफ रेडियस बढ़ेगा।
रेडियस बढ़ाने के लिए अब दो पियर बनाने होंगे। कमेटी अगले दो दिन में फाइनल ड्राफ्ट तैयार करेगी। रेलवे व सभी सदस्यों की सहमति के बाद काम शुरू किया जाएगा।
ढलान ज्यादा होने से भी असुरक्षित हुआ आरओबी
निरीक्षण में ढलान पर चर्चा नहीं हुई, जबकि आरोप पत्र में ढलान की खामी स्पष्ट लिखी है। आरोप है कि जीएडी (जनरल अरेंजमेंट डिजाइन) बनाते समय रेडियस, कर्व और टर्निंग के साथ ढलान पर ध्यान नहीं दिया गया। ऐशबाग एप्रोच रोड में झुकाव 1:26 रखा गया है, जबकि यह 1:30 होना था। इससे ढलान ज्यादा हो गई और आरओबी असुरक्षित हो गया।
एक महीने पहले बनाई थी कमेटी… दैनिक भास्कर ने मामले को सबसे पहले उठाया था। इसके बाद देश भर में यह चर्चा का विषय बन गया। इसके बाद 18 जुलाई 2025 को लोक निर्माण विभाग द्वारा एक एक्सपर्ट कमेटी बनाई गई थी। इसमें सेंट्रल रोड रिसर्च इंस्टीट्यूट (सीआरआरआई) की ब्रिज डिवीजन के एचओडी राजीव गोयल को अध्यक्ष और 4 सदस्य बनाए गए थे।