ऋषि पंचमी पर सप्त ऋषियों का पूजन
बालाघाट के कटंगी में महिलाओं ने गुरुवार को ऋषि पंचमी पर्व श्रद्धाभाव से मनाया। महिलाओं ने सप्त ऋषि और अरुंधति माता की प्रतिमाओं के समक्ष पूजन-अर्चन किया। साथ ही पारंपरिक विधि से व्रत रखकर धर्मकथाओं का श्रवण किया।
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पंडित आशीष तिवारी के अनुसार, इस व्रत से महिलाओं को रजस्वला अवस्था में हुए दोषों का निवारण होता है। व्रत में सप्त ऋषियों – कश्यप, अत्रि, भारद्वाज, विश्वामित्र, गौतम, जमदग्नि और वशिष्ठ की पूजा की जाती है।
व्रत की विधि के अनुसार, महिलाएं पवित्र नदियों में आंधी झाड़ा की पत्तियों से स्नान करती हैं। कथा श्रवण के बाद मोरधान का भोजन करती हैं। व्रत तोड़ने के लिए बिना हल के जोते हुए अन्न, भैंस का दही-दूध और करमी का साग का उपयोग किया जाता है।
व्रत रखने वाली महिला सुमन शर्मा ने बताया कि यह पर्व संस्कृति और परंपराओं से जुड़ा है। यह पवित्रता और संयम का प्रतीक है। इससे परिवार की कठिनाइयां दूर होती हैं। सभी महिलाओं ने भावी पीढ़ी को इस परंपरा से जोड़े रखने का संकल्प लिया।