ग्वालियर हाई कोर्ट की युगल पीठ ने एक महत्वपूर्ण फैसला सुनाया है। हाई कोर्ट ने कहा कि किसी एक पद पर नियमित होने के बाद कर्मचारी दूसरे पद का लाभ नहीं मांग सकता है।
.
मामला ग्वालियर निवासी याचिकाकर्ता राजीव योगी का है। उनकी नियुक्ति 1985 में लैब टेक्नीशियन के रूप में हुई थी। प्रारंभ में उन्होंने लैब अटेंडेंट (जूलॉजी) और लैब टेक्नीशियन का कार्य किया। 1992 में उन्हें चौकीदार के पद पर नियमित कर दिया था। राजीव योगी का कहना था कि उन्होंने दो पदों पर काम किया है। इसलिए उन्हें पदोन्नति और वेतन लाभ मिलना चाहिए। उन्होंने 2012 में याचिका दायर की थी। हाई कोर्ट ने तब राज्य सरकार को दावे पर विचार करने का निर्देश दिया था। राज्य सरकार ने उनका दावा खारिज कर दिया।
सरकार का तर्क था कि उनकी स्थायी नियुक्ति चौकीदार के पद पर की गई थी। राज्य के अधिवक्ता ने कोर्ट में कहा कि याची ने चौकीदार पद पर नियमितीकरण को कभी चुनौती नहीं दी। वह वर्षों तक इसी पद पर लाभ लेते रहे थे।