मंगलवार को स्पॉन्सरशिप राइट्स की रेस में शामिल होने के लिए बोलियां मांगी गईं. आपको याद हो कि सरकार ने धन गेमिंग और क्रिप्टोकरेंसी में काम करने वाली कंपनियों पर रोक लगाई दी है, जिसके बाद आनन-फानन में ड्रीम 11 का करार खत्म करना पड़ा.
IEOI (Invitation for Expression of Interest) खरीदने की आखिरी तारीख 12 सितंबर है और बोली के दस्तावेज जमा करने की आखिरी तारीख 16 सितंबर है. ड्रीम 11 और माय 11 सर्कल के साथ बीसीसीआई का भारतीय क्रिकेट टीम और इंडियन प्रीमियर लीग के लिए 1000 करोड़ रूपये के करीब टाइटल प्रायोजन करार था. बीसीसीआई की एक विज्ञप्ति में कहा गया:
बोली लगाने वाला, जिसमें उसके समूह की कोई भी कंपनी शामिल है उसे भारत में या दुनिया में कहीं भी ऑनलाइन मनी गेमिंग, सट्टेबाजी या जुआ या इसी तरह की सेवाओं में संलग्न नहीं होना चाहिए. भारत में किसी भी व्यक्ति को कोई ऑनलाइन मनी गेमिंग, सट्टेबाजी या जुआ या इसी तरह की सेवाएं प्रदान नहीं करनी चाहिए और भारत में सट्टेबाजी या जुए में संलग्न किसी भी व्यक्ति में कोई निवेश या स्वामित्व हित नहीं होना चाहिए.
हाल ही में ‘ऑनलाइन गेमिंग अधिनियम 2025 के प्रचार और विनियमन’ के कारण अपने वास्तविक धन वाले गेम बंद कर दिए हैं. अधिनियम में कहा गया है कि ‘कोई भी व्यक्ति ऑनलाइन मनी गेमिंग सेवाओं की पेशकश, सहायता, उकसाना, प्रेरित, लिप्त या संलग्न नहीं होगा और न ही किसी ऐसे विज्ञापन में शामिल होगा जो प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से किसी भी व्यक्ति को कोई भी ऑनलाइन मनी गेम खेलने के लिए प्रोत्साहित करता हो.’
बोर्ड ने यह भी स्पष्ट किया कि कुछ ब्रांड श्रेणियों को भी ‘ब्लॉक’ किया जाएगा क्योंकि बीसीसीआई के पास उक्त श्रेणियों में मौजूदा प्रायोजक हैं. इनमें एथलेजर और खेल परिधान निर्माता, बैंक, बैंकिंग और वित्तीय सेवा और गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनियां, अल्कोहल रहित ठंडे पेय, पंखे, मिक्सर ग्राइंडर, सुरक्षा ताले और बीमा शामिल हैं. बीसीसीआई से फिलहाल इन श्रेणियों के ब्रांड एडिडास , कैंपा कोला, आईडीएफसी फर्स्ट बैंक और एसबीआई लाइफ जुड़े हुए हैं.
ऑनलाइन गेमिंग कंपनी पूरी तरह बैन
इसमें आगे कहा गया, ‘बोली लगाने वाला या उसके समूह की कोई भी कंपनी किसी भी तरह की ऐसी गतिविधि या व्यवसाय में शामिल नहीं होनी चाहिए, जिसकी ऑनलाइन गेमिंग अधिनियम 2025 के तहत अनुमति नहीं है. इसके अलावा तंबाकू, शराब और ऐसी कोई भी चीज जो सार्वजनिक नैतिकता को ठेस पहुंचाती हो, इसके पात्र नहीं हैं.