सतना सौंदर्यीकरण घोटाला: करोड़ों खर्च पर उठे सवाल, सुनिए इस घोटाले पर पब्लिक ने क्या कहा

सतना सौंदर्यीकरण घोटाला: करोड़ों खर्च पर उठे सवाल, सुनिए इस घोटाले पर पब्लिक ने क्या कहा


Last Updated:

सतना नगर निगम में सौंदर्यीकरण कार्यों के नाम पर हुए करोड़ों के खर्च पर अब घोटाले का साया गहराता जा रहा है. दो वर्ष से ठंडी पड़ी फाइल फिर खुली तो अनियमितताओं की कई परतें सामने आईं. हाल ही में हुई ईओडब्ल्यू की दब…और पढ़ें

शिवांक द्विवेदी,
सतना:
सतना नगर निगम में करोड़ों के सौंदर्यीकरण कार्यों में घोटाले की परतें फिर खुल गई हैं. करीब दो साल पहले दर्ज हुई एफआईआर के बाद अब ईओडब्ल्यू एक्शन मोड पर आ गया है. हाल ही में नगर निगम के दफ्तर पर दबिश हुई थी, तब से जिम्मेदार अफसरों और ठेकेदारों में हड़कंप मचा हुआ है. यह मामला 1 करोड़ 21 लाख 85 हजार रुपए की लागत वाले चार अलग-अलग सौंदर्यीकरण कार्यों से जुड़ा है जिनमें जांच में 25.46 लाख रुपए से अधिक की अनियमितताएं सामने आई हैं.

दरअसल पन्नीलाल चौक, लालता चौक, धवारी चौक और सिविल लाइन क्षेत्र में नगर निगम ने करोड़ों की लागत से सौंदर्यीकरण का काम कराया था. वर्ष 2021 में अधीक्षण अभियंता की रिपोर्ट सामने आई जिसमें कार्यों की प्रक्रिया पर गंभीर सवाल खड़े किए गए. इसके बाद 2022 में संभागीय जांच टीम ने भी अनियमितताओं की पुष्टि की. बावजूद इसके दोषियों के खिलाफ कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई और फाइल दबाकर रख दी गई. फिर जा कर नवंबर 2023 में भोपाल ईओडब्ल्यू थाने में एफआईआर दर्ज कराई गई और अब मामला दोबारा सुर्खियों में आया.

जांच रिपोर्ट के गंभीर निष्कर्ष
जांच रिपोर्ट साफ बताती है कि नगर निगम में एस्टीमेशन प्रॉसेस पूरी तरह अपारदर्शी रही. इंजीनियर इंचार्ज ने बिना सत्यापन के एस्टीमेट्स को प्रशासकीय और फाइनेंसियल सैंक्शन के लिए भेज दिया. तकनीकी अधिकारियों ने टेंडर्स को योग्य बताया लेकिन रीजन बिलनेस का आधार स्पष्ट नहीं किया. यही नहीं ठेकेदारों को मुनाफा पहुचाने के लिए बाजार मूल्य से 4 से 5 गुना अधिक राशि का भुगतान किया गया. रिपोर्ट में यह भी सामने आया कि कॉन्ट्रेक्ट की प्रक्रिया में केवल दो संविदाकार शामिल हुए और दोनों को ही काम दे दिया गया.

अतिरिक्त भुगतान का खुलासा
जांच में यह तथ्य सामने आया कि कुल लागत से अधिक भुगतान किया गया. पन्नीलाल चौक पर 21.75 लाख की लागत में 6.75 लाख, धवारी चौक पर 35.50 लाख में 3.20 लाख, लालता चौक पर 26.60 लाख में 8 लाख और सिविल लाइन पर 38 लाख में 7.49 लाख का अतिरिक्त भुगतान हुआ. इस तरह कुल 25.46 लाख रुपए का अनियमित लेन-देन सामने आया है.

जनता में नाराजगी और सवाल
लोकल 18 की टीम जब पब्लिक के बीच पहुंची तो नागरिकों में घोर असंतोष दिखाई दिया. कोठी निवासी विजय गर्ग ने कहा कि जिन स्थानों पर करोड़ों खर्च होने की बात कही गई, वहां जमीनी स्तर पर कोई काम नज़र नहीं आता. उनका कहना है कि यह पैसा लगा या खा गए, इसका हिसाब किसी के पास नहीं है. राकेश चौरसिया ने सिविल लाइन की स्थिति पर नाराजगी जताते हुए कहा कि यहाँ विकास की बजाय अराजकता बढ़ गई है. आए दिन मारपीट, शराबखोरी और चोरी-चाकरी जैसी घटनाएँ होती हैं जबकि काम के नाम पर कुछ भी नहीं दिखता. संतोष सिंह ने भी कहा कि पुराने काम भी अधूरे पड़े हैं और ट्रैफिक जाम, जलभराव व दुर्घटनाओं जैसी समस्याएँ बनी हुई हैं.

आखिर कब होगा समाधान?
यह मामला न केवल नगर निगम की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़ा करता है बल्कि सरकारी धन की बर्बादी और भ्रष्टाचार की गहरी जड़ों को भी उजागर करता है. जनता को उम्मीद है कि इस बार ईओडब्ल्यू की कार्रवाई सिर्फ जांच तक सीमित न रहे बल्कि दोषियों को सख्त सजा मिले और सतना की जनता को न्याय दिलाया जाए. सवाल यह भी है कि आखिर जब जांचों में आरोप सिद्ध हो चुके थे तो इतने साल तक फाइल क्यों दबाई गई और जिम्मेदार अफसरों पर कार्रवाई क्यों नहीं हुई.

Sumit verma

सुमित वर्मा, News18 में 4 सालों से एसोसिएट एडीटर पद पर कार्यरत हैं. बीते 3 दशकों से सक्रिय पत्रकारिता में अपनी अलग पहचान रखते हैं. देश के नामचीन मीडिया संस्‍थानों में सजग जिम्‍मेदार पदों पर काम करने का अनुभव. प…और पढ़ें

सुमित वर्मा, News18 में 4 सालों से एसोसिएट एडीटर पद पर कार्यरत हैं. बीते 3 दशकों से सक्रिय पत्रकारिता में अपनी अलग पहचान रखते हैं. देश के नामचीन मीडिया संस्‍थानों में सजग जिम्‍मेदार पदों पर काम करने का अनुभव. प… और पढ़ें

न्यूज़18 हिंदी को गूगल पर अपने पसंदीदा समाचार स्रोत के रूप में जोड़ने के लिए यहां क्लिक करें।
homemadhya-pradesh

सतना सौंदर्यीकरण घोटाले पर जनता ने खोला मोर्चा, बोली– विकास की जगह अराजकता और भ्रष्टाचार बढ़ा



Source link