अगले चुनाव के लिए निर्वाचन आयोग ने बदली व्यवस्था: अब वार्ड में रहने वाले कर्मचारी को ही बनाएंगे बीएलओ, ताकि फर्जी वोटरों की पहचान हो, गलत नाम नहीं जुड़ें – Bhopal News

अगले चुनाव के लिए निर्वाचन आयोग ने बदली व्यवस्था:  अब वार्ड में रहने वाले कर्मचारी को ही बनाएंगे बीएलओ, ताकि फर्जी वोटरों की पहचान हो, गलत नाम नहीं जुड़ें – Bhopal News


आगामी चुनाव के लिए भोपाल में अब वही कर्मचारी बूथ लेवल ऑफिसर (बीएलओ) बनेगा, जो उस इलाके का वोटर होगा या जिसका ऑफिस पोलिंग बूथ क्षेत्र में आता है। चुनाव आयोग ने यह भी स्पष्ट कर दिया है कि सी-केटेगरी के कर्मचारियों को ही बीएलओ की ड्यूटी दी जाएगी। यदि ऐ

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इसके बाद भी कर्मचारी नहीं मिलें तो प्रस्ताव भेजकर मुख्य निर्वाचन अधिकारी से मंजूरी के बाद अन्य कर्मचारी की ड्यूटी लगाई जाएगी। आयोग का मानना है कि स्थानीय वोटर को बीएलओ बनाने से क्षेत्र की पहचान आसान होगी। असली और फर्जी वोटर की पहचान जल्दी हो सकेगी। हर घर तक पहुंचना आसान होगा और डुप्लीकेट वोटर जोड़ने की शिकायतें कम होंगी।

वोटर आईडी कार्ड बनवाने के लिए भी अब लोगों को बीएलओ को खोजना नहीं पड़ेगा, क्योंकि वह खुद उसी क्षेत्र का रहने वाला होगा। भोपाल जिले में अभी तक 2029 पोलिंग बूथ थे। मतदाताओं की संख्या घटाकर अब एक बूथ पर 1200 तक सीमित की जा रही है, जबकि पहले यह सीमा 1500 थी। इस वजह से 260 नए बूथ बनाए जा रहे हैं। यानी कुल बूथ और बीएलओ की संख्या बढ़कर 2289 हो जाएगी।



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