समर्थन मूल्य पर गेहूं की खरीदी: घटिया तिरपाल बिछाई, 50 की जगह 51 किलो तौल, जिम्मेदार गायब

समर्थन मूल्य पर गेहूं की खरीदी: घटिया तिरपाल बिछाई, 50 की जगह 51 किलो तौल, जिम्मेदार गायब


Ads से है परेशान? बिना Ads खबरों के लिए इनस्टॉल करें दैनिक भास्कर ऐप

उज्जैन3 घंटे पहले

  • कॉपी लिंक
  • एक सप्ताह में नहीं सुधारी केंद्रों की व्यवस्थाएं

समर्थन मूल्य पर गेहूं खरीदी की शुरुआत हुए एक सप्ताह हो गया है। बावजूद केंद्रों की व्यवस्थाएं पटरी पर नहीं आ सकी हैं। उपज बेचने के लिए किसानों काे घंटों कतार में लगना पड़ रहा है। केंद्रों पर परिवहन भी शुरू नहीं हो सका है। ऐसे में खरीदी गई उपज खुले मैदान में रखी है। जिले में 27 मार्च से समर्थन मूल्य पर गेहूं की खरीदी शुरू हुई थी।

एसएमएस मिलने के बाद जब किसान केंद्रों पर पहुंच रहे हैं तो उन्हें समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। राघोपिपल्या केंद्र पर गेहूं लेकर गए करोहन के महिपाल सिंह ने आरोप लगाया शनिवार को दिनभर कतार में लगने के बाद जब वे केंद्र पर पहुंचे तो कांटा बंद हो गया था। इसके बाद तौल के नाम पर हम्माल 300 से 400 रुपए की मांग कर रहे हैं। किसानों ने विरोध किया तो जवाब मिला, अब सोमवार को ही खरीदी होगी। संबंधित अफसर से शिकायत की लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई।

सोमवार से शुरू होगा भुगतान : गेहूं बेचने वाले किसानों को भुगतान के लिए सोमवार तक इंतजार करना पड़ेगा। जिला आपूर्ति नियंत्रक ने बताया जिन किसानों ने पहले गेहूं बेचे हैं, उन्हें पहले भुगतान किया जाएगा। भुगतान संबंधित किसानों के खातों में किया जाएगा।

जिला अफसर केंद्र पर पहुंचे तो ऐसे थे हालात
पीरझलार केंद्र : नोडल ऑपरेटर, प्रबंधक, केंद्र प्रभारी अनुपस्थित मिले। बिछाया गया तिरपाल खराब क्वालिटी का पाया गया, जिसका सैंपल लिया।
इंगोरिया : बारदान ऐसे रखे हैं, जिससे आग लगने पर नुकसान की आशंका है।
बलेड़ी : 18000 बोरी गेहूं रखा है। यहां शनिवार तक एक भी ट्रक नहीं लगाया।
दंगवाड़ा : तौल 51 किलो तक लेना पाया। 8 किसानों के बिल नहीं बनाए। अधिक तौल लेने पर प्रकरण बनाया।
(जैसा जिला आपूर्ति नियंत्रण एमएल मारू ने बताया)

खबरें और भी हैं…



Source link