गुना जिले के चांचौड़ा में प्रधान आरक्षक पर एक युवक को जिंदा जलाने का आरोप लगा है। पीड़ित चंदन गुर्जर, गंभीर रूप से झुलस गया है और भोपाल के कमला नेहरू अस्पताल में जीवन के लिए संघर्ष कर रहा है। चंदन गुर्जर ने आरोप लगाया है कि आरक्षक सुरेंद्र भील ने उसस
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यह मामला एक नकली सोना घोटाले से जुड़ा है, जिसमें चंदन और उसके साथियों को ठगा गया था। चंदन ने आरक्षक सुरेंद्र भील से मदद मांगी थी ताकि वह ठगों से अपने पैसे वापस पा सके। हालांकि, चंदन का आरोप है कि सुरेंद्र ने उससे रिश्वत ली और उसे प्रताड़ित किया।
इस मामले में एक और चौंकाने वाला मोड़ तब आया जब पता चला कि नकली सोना बेचने वाले मुख्य आरोपियों में से एक, लंकेश पंडित पर पहले भी ऑनर किलिंग का आरोप लग चुका है। पुलिस ने प्रधान आरक्षक सुरेंद्र भील के खिलाफ हत्या के प्रयास का मामला दर्ज कर लिया है और जांच जारी है।
पहले मामला जान लीजिए…
ग्राम कुलंबेह निवासी चंदन पुत्र छीतर गुज्जर ने चालक आरक्षक सुरेंद्र भील पर एक गंभीर आरोप लगाया है। चंदन का कहना है कि सुरेंद्र ने शुक्रवार दोपहर थाना परिसर में बने अपने क्वार्टर के बाहर उस पर पेट्रोल डालकर आग लगा दी। इस घटना में चंदन गले के नीचे से कमर तक बुरी तरह झुलस गया है।
चंदन के अनुसार, रविवार को सुरेंद्र एक लाख रुपये लेने के बाद अपनी बात से पलट गया था। जब चंदन अपने पैसे वापस लेने उसके घर गया, तो सुरेंद्र ने उस पर पेट्रोल डालकर आग लगा दी, और इस दौरान सुरेंद्र के लड़के ने उसे पकड़ कर रखा था। गंभीर रूप से घायल चंदन को पहले चांचौड़ा अस्पताल ले जाया गया, जहाँ से उसे गुना भेजा गया। जिला अस्पताल में प्राथमिक उपचार के बाद, उसे बेहतर इलाज के लिए भोपाल रेफर कर दिया गया, जहाँ वह वर्तमान में कमला नेहरू अस्पताल में भर्ती है।
अब पढ़िए सिलसिलेवार पूरी कहानी…

चंदन गुर्जर ने प्रधान आरक्षक पर जलाने का आरोप लगाया है।
जेल में दोस्ती और नकली सोने का सौदा
कुछ महीने पहले फतेहगढ़ क्षेत्र का एक आरोपी लंकेश पंडित और चाचौड़ा क्षेत्र का आरोपी मांगीलाल गुर्जर एनडीपीएस एक्ट के तहत जेल में बंद थे। जेल में ही उनकी दोस्ती हुई। लंकेश ने मांगीलाल को सस्ते में सोना दिलाने का प्रस्ताव रखा। मांगीलाल जब जेल से छूटा तो उसने यह बात चंदन गुर्जर और अन्य लोगों को बताई।
इसके बाद चंदन गुर्जर और अन्य चार लोगों ने पैसे इकट्ठा करके लगभग 6 लाख रुपए में 20 तौला सोना खरीदा। जब सोने की जांच कराई गई तो वह नकली निकला। इस तरह जेल में हुई दो आरोपियों की दोस्ती ने एक और अपराध को जन्म दे दिया।
सूत्रों के मुताबिक यह सारा लेनदेन दो नंबर में हुआ था, जिसका कोई लिखित प्रमाण नहीं था। ऐसे में ठगी का शिकार बने लोगों ने ठगों से पैसे वापस लेने के लिए कुछ जुगाड़ लगाने की सोची। ठगी का शिकार बने लोग चांचौड़ा के थे और फतेहगढ़ पुलिस थाने में उनकी कोई पहचान नहीं थी।

चंदन गुर्जन को 25 प्रतिशत जल जाने पर अस्पताल में भर्ती कराया गया था।
आरक्षक सुरेंद्र भील की भूमिका और हमला
इसके बाद चंदन गुर्जर ने चाचौड़ा के ग्राम नेत्याखेड़ी के सुरेंद्र भील से संपर्क किया। सुरेंद्र भील पुलिस में प्रधान आरक्षक है और चांचौड़ा थाना परिसर के सरकारी क्वार्टर में रहता है। लंबे समय तक चांचौड़ा थाने में तैनात रहने से सुरेंद्र की पहचान इलाके में पुलिस से काम कराने की बनी हुई है।
इधर, अस्पताल में भर्ती चंदन गुर्जर का आरोप है कि सुरेंद्र भील ने मामला निपटाने के लिए 1 लाख रुपया रिश्वत के तौर पर लिया था, लेकिन उसने मामला खत्म नहीं कराया। जब वह उसके पास रुपया मांगने गया तो सुरेंद्र भील ने उसे मानसिक रूप से प्रताड़ित करना शुरू कर दिया। गाली गलौज, लड़ाई झगड़ा करने पर उतारू हो जाता और थाने में बंद करने की धमकी देता। चंदन ने आगे बताया कि 29 अगस्त को वह फिर अपना रुपया मांगने सुरेंद्र भील के सरकारी क्वार्टर पर गया तो सुरेंद्र भील ने उसके ऊपर पेट्रोल डाल दिया और आग लगा दी जिससे उसका शरीर जल गया। चंदन ने इस घटना की लिखित शिकायत भी की और चांचौड़ा विधायक प्रियंका पेंची को भी आवेदन दिया है।

चंदन गुर्जर की हालत गंभीर होने पर भोपाल रैफर किया गया।
रुपए नहीं होने से शादी नहीं हो पाई
चंदन के सबसे छोटे भाई लाड सिंह गुर्जर ने बताया कि वह जोधपुर में काम करता है। उसके भाई चंदन गुर्जर ने उसकी शादी के लिए पैसे जोड़े थे। लाड सिंह के अनुसार, उसकी शादी अप्रैल महीने में होनी थी, लेकिन मार्च महीने में चंदन गुर्जर ने आरक्षक सुरेंद्र को पैसे दे दिए थे। सुरेंद्र ने उससे कहा था कि वह आठ दिन में पैसे वापस कर देगा, लेकिन उसने पैसे वापस नहीं किए, जिसके कारण लाड सिंह की शादी नहीं हो पाई। इस बात से चंदन काफी परेशान था। इसी कारण प्रधान आरक्षक को आग के हवाले कर दिया।
लंकेश पंडित पर ऑनर किलिंग का आरोप
जेल में बंद जिन दो लोगों की दोस्ती हुई, उनमें से एक लंकेश पंडित पर अपनी भांजी की हत्या का भी आरोप है। यह हत्या नवंबर 2023 में हुई थी। लंकेश की 19 वर्षीय भांजी उसके साथ फतेहगढ़ में ही रहती थी। इसी दौरान उसका किसी लड़के से प्रेम हो गया, जो लंकेश को पसंद नहीं आया। इसलिए उसने अपने भाई के साथ मिलकर भांजी की हत्या कर दी और शव को जंजाली इलाके के नारायणपुरा शक्कर कारखाने में फेंक दिया था। पुलिस ने आठ दिन बाद मामले का खुलासा करते हुए लंकेश को गिरफ्तार किया था।

चंदन गुर्जर का भोपाल के कमला नेहरू अस्पताल में इलाज चल रहा है।
आरक्षक पर एफआईआर दर्ज, जांच जारी
इस मामले में प्रधान आरक्षक सुरेंद्र सिंह के खिलाफ मंगलवार को एफआईआर दर्ज की गई है। भारतीय न्याय संहिता की धारा 109 (हत्या का प्रयास) के तहत चांचौड़ा थाने में मामला दर्ज किया गया है। चांचौड़ा थाने में पदस्थ सब इंस्पेक्टर मोहर सिंह की शिकायत पर यह प्रकरण दर्ज किया गया है और मामले की जांच शुरू कर दी गई है।
चांचौड़ा SDOP मनोज कुमार झा ने बताया कि प्रधान आरक्षक के खिलाफ एफआईआर की गई है और मामले की जांच जारी है। उन्होंने कहा कि जांच में जो भी तथ्य सामने आएंगे, उसके आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। इसके साथ ही, विभागीय कार्रवाई भी की जाएगी।