गाजर उगाने के लिए सही गमला चुनें
गाजर की जड़ लंबी होती हैं, इसलिए गमले का चुनाव सही होना जरूरी है. सामान्यतः 10 से 12 इंच गहरा गमला गाजर के लिए सबसे उपयुक्त है. गमला मिट्टी का हो तो बेहतर है. क्योंकि, इसमें हवा और नमी संतुलित रहती है. प्लास्टिक या सीमेंट के गमले में भी गाजर उगाई जा सकती है, लेकिन ध्यान रहे कि उसमें पानी निकलने के लिए नीचे छेद जरूर हो.
गाजर की खेती के लिए मिट्टी का नरम और भुरभुरी होना जरूरी है. गमले की मिट्टी में बालू, गोबर की खाद और बगीचे की मिट्टी बराबर मात्रा में मिलाई जाए तो पौधा तेजी से बढ़ता है. मिट्टी में नमी बनी रहनी चाहिए, लेकिन पानी जमना नहीं चाहिए. पानी रुकने से गाजर की जड़ें सड़ने लगती हैं.
बीज बोने की विधि
गाजर के बीज छोटे और हल्के होते हैं, इसलिए इन्हें सावधानी से बोना चाहिए. बीज बोने से पहले गमले की मिट्टी को हल्का-सा गीला कर लें. इसके बाद बीजों को आधा-आधा सेंटीमीटर गहराई में डालकर ऊपर से पतली परत मिट्टी की डाल दें. ध्यान रहे कि बीजों को बहुत गहराई में न दबाएं, वरना अंकुरण में दिक्कत आती है.
भावेश पटेल कहते हैं कि गाजर के पौधों को भरपूर धूप की आवश्यकता होती है. गमले को ऐसी जगह रखें जहां छह से आठ घंटे धूप आसानी से मिल सके. पानी देने का ध्यान भी खास तौर पर रखना होगा. मिट्टी हमेशा हल्की-सी गीली रहे, लेकिन बिल्कुल गीली या कीचड़ जैसी न हो. गर्मी के मौसम में रोजाना और सर्दी में दो दिन के अंतराल से पानी देना सही रहता है.
पौधों की देखभाल
बीज अंकुरित होने के बाद गमले में छोटे-छोटे पौधे निकलने लगते हैं. जब पौधे दो से तीन इंच लंबे हो जाएं, तब ज्यादा पास-पास लगे पौधों को निकाल दें. इससे बाकी पौधों को पर्याप्त जगह और पोषण मिलेगा और गाजर मोटी और लंबी होगी. समय-समय पर खरपतवार भी हटाते रहें ताकि पौधे कमजोर न हों.
भावेश पटेल बताते हैं कि गाजर के पौधे ज्यादा खाद नहीं मांगते, लेकिन शुरुआत में गोबर की खाद या कम्पोस्ट डालना बहुत लाभकारी होता है. एक महीने बाद पौधे के आसपास थोड़ी-सी जैविक खाद डाल दें. इससे जड़ें तेजी से विकसित होंगी और गाजर का रंग भी अच्छा आएगा.
गाजर की फसल
लगभग 50 दिन के भीतर गाजर की जड़ें तैयार हो जाती हैं. पहचानने का आसान तरीका है कि जब पौधे की पत्तियां घनी और मजबूत दिखने लगें और गमले की मिट्टी हल्का-सा हटा देने पर नारंगी रंग की जड़ झलकने लगे, तो समझिए गाजर तोड़ने के लिए तैयार है. धीरे-धीरे पौधे को खींचकर बाहर निकालें और गाजर का स्वाद लें.